Friday, June 26, 2026
उत्तराखंड

हरिद्वार में मानवता शर्मसार: मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को खंभे से बांधकर पीटा, वीडियो वायरल होने पर 6 गिरफ्तार

हरिद्वार में मानवता शर्मसार: मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को खंभे से बांधकर पीटा, वीडियो वायरल होने पर 6 गिरफ्तार

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। रानीपुर थाना क्षेत्र की लेबर कॉलोनी में एक 50 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को कुछ लोगों ने बिजली के खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और महिला सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना 20 दिसंबर 2025 की है, जो वीडियो वायरल होने के बाद 21-22 दिसंबर को सुर्खियों में आई।

पीड़िता सुनीता देवी सुबह करीब 5:40 बजे टहलने निकली थीं। मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे रास्ता भटककर लेबर कॉलोनी के एक घर में घुस गईं। घरवालों ने उन्हें चोर या घुसपैठिया समझकर शोर मचाया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इकट्ठा होकर महिला को पकड़ लिया और बिजली के खंभे से बांध दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी लात-घूंसे, डंडों और लाठी से महिला पर वार कर रहे हैं। महिला दर्द से चीखती रही, लेकिन किसी ने रोका नहीं। कुछ लोग तो वीडियो बनाते रहे।

महिला के बेटे शुभम ने रानीपुर कोतवाली में तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया कि मां को गलती से घर में घुसने पर तालिबानी सजा दी गई। वीडियो वायरल होने पर उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस ने राहुल कुमार, इंदर सिंह, नागेश, आशु, राकेश और एक महिला आरोपी (नाम उजागर नहीं) सहित छह लोगों के खिलाफ IPC की गंभीर धाराओं (मारपीट, अवैध रूप से बंधक बनाना आदि) में मुकदमा दर्ज किया। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में चार हिरासत की बात थी।

हरिद्वार SSP अभय सिंह ने कहा, “वीडियो वायरल होने के बाद हमने तुरंत एक्शन लिया। पीड़िता की हालत स्थिर है, लेकिन वे सदमे में हैं। जांच जारी है और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।” महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना मॉब लिंचिंग और कानून हाथ में लेने की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर लोग आक्रोश जता रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ऐसी घटनाएं समाज में सहिष्णुता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की कमी दिखाती हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसे मामलों में रोकथाम के लिए ग्रासरूट स्तर पर जागरूकता जरूरी है। पीड़िता को जल्द न्याय मिले, यही कामना है।

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