दिल्ली के पीर रतन नाथ मंदिर परिसर में डीडीए कार्रवाई: हरिद्वार में श्रद्धालुओं का रोष प्रदर्शन, जमीन वापसी की मांग
दिल्ली के पीर रतन नाथ मंदिर परिसर में डीडीए कार्रवाई: हरिद्वार में श्रद्धालुओं का रोष प्रदर्शन, जमीन वापसी की मांग
हरिद्वार, 21 दिसंबर 2025: दिल्ली के झंडेवालान स्थित प्राचीन पीर रतन नाथ मंदिर परिसर में 29 नवंबर को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और एमसीडी की संयुक्त बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ हरिद्वार में श्रद्धालुओं ने जोरदार विरोध जताया। भीमगोड़ा स्थित आश्रम से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पदयात्रा निकालकर सनातनियों ने ज्ञापन सौंपा और केंद्र सरकार तथा दिल्ली सरकार से मंदिर की जमीन तत्काल वापस करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने ‘हरे राम’ के संकीर्तन के साथ रोष मार्च निकाला और कार्रवाई को गलत ठहराया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि पीर रतन नाथ मंदिर नाथ संप्रदाय की 1400 साल पुरानी परंपरा से जुड़ा है, जो आदि गुरु गोरखनाथ के शिष्य सिद्ध योगी पीर रतन नाथ से संबंधित है। कार्रवाई में मंदिर परिसर की तुलसी वाटिका, लंगर हॉल और अन्य सुविधाएं ध्वस्त कर दी गईं, जिससे मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं में भारी दिक्कत आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह ऐतिहासिक विरासत पर हमला है और मंदिर को पुनः स्थापित किया जाना चाहिए।
डीडीए और एमसीडी का पक्ष है कि कार्रवाई अवैध अतिक्रमण और जर्जर संरचनाओं को हटाने के लिए थी, जो ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में थीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्य मंदिर-दरगाह को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। हालांकि, विरोधी दलों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बनाया है। कांग्रेस ने संसद में भी यह मामला उठाया।
हरिद्वार में पदयात्रा शांतिपूर्ण रही, लेकिन श्रद्धालुओं का गुस्सा साफ दिखा। मंदिर से जुड़े सेवादारों ने कहा कि परिसर में बिजली व्यवस्था तक प्रभावित हुई है। यह प्रदर्शन नाथ संप्रदाय के अनुयायियों की एकजुटता दिखाता है, जो देश-विदेश में फैले हैं। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। मामला अब केंद्र सरकार के स्तर पर पहुंच गया है।
