कैश-फॉर-क्वेरी केस में महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल के आदेश को रद्द किया, CBI चार्जशीट पर रोक
कैश-फॉर-क्वेरी केस में महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल के आदेश को रद्द किया, CBI चार्जशीट पर रोक
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने लोकपाल के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें CBI को महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दी गई थी। कोर्ट ने लोकपाल को एक महीने के अंदर फिर से विचार करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने कहा कि लोकपाल ने महुआ की सबमिशन्स पर ठीक से विचार नहीं किया, जो लोकपाल एक्ट की धारा 20(7) का उल्लंघन है। महुआ ने याचिका में दावा किया था कि उनकी लिखित और मौखिक दलीलें नजरअंदाज की गईं, जिससे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का हनन हुआ।
पृष्ठभूमि: यह मामला 2023 में BJP सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत से शुरू हुआ था। आरोप है कि महुआ ने बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से नकदी और उपहार लेकर संसद में उनके हितों के सवाल उठाए। लोकपाल ने जांच के बाद नवंबर 2025 में CBI को चार्जशीट की अनुमति दी थी। महुआ ने लॉगिन शेयर करने की बात स्वीकारी, लेकिन रिश्वत लेने से इनकार किया है।
इस फैसले को नेशनल हेराल्ड केस के बाद विपक्ष के लिए दूसरी बड़ी राहत माना जा रहा है, जहां हाल ही में कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। TMC ने इसे ‘राजनीतिक बदले की राजनीति’ पर करारा जवाब बताया।
