आजम खान को कानूनी राहत: 2019 भड़काऊ भाषण मामले में रामपुर कोर्ट ने घोषित किया बेकसूर
आजम खान को कानूनी राहत: 2019 भड़काऊ भाषण मामले में रामपुर कोर्ट ने घोषित किया बेकसूर
रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान को एक पुराने मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। रामपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 17 दिसंबर 2025 को 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप साबित न कर पाने का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया।
यह मामला अप्रैल 2019 का है, जब आम आदमी पार्टी के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला ने शहर कोतवाली में आजम खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने वाली टिप्पणियां कीं। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि कुछ अधिकारी ‘रामपुर को खून से नहलाना चाहते हैं’ और कमजोरों पर अत्याचार करते हैं। इस पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष मजबूत सबूत पेश नहीं कर सका, जिसके आधार पर मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट ने आजम खान को दोषमुक्त करार दिया। आजम खान के वकीलों ने इसे न्याय की जीत बताया, जबकि समर्थकों ने राहत की सांस ली।
हालांकि, यह राहत जेल से रिहाई नहीं दिलाएगी। आजम खान फिलहाल 17 नवंबर 2025 से दोहरे पैनकार्ड मामले में 7 साल की सजा काट रहे हैं और रामपुर जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ कई अन्य मुकदमे लंबित हैं, जिनमें से कुछ में पहले भी बरी हो चुके हैं।
सपा नेताओं ने फैसले का स्वागत किया है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे आजम खान की कानूनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ मान रहे हैं। आने वाले दिनों में अन्य मामलों की सुनवाई पर नजर रहेगी।
