एशेज में स्निको तकनीक पर विवाद: एलेक्स कैरी को मिला जीवनदान, ICC ने इंग्लैंड का रिव्यू लौटाया
एशेज में स्निको तकनीक पर विवाद: एलेक्स कैरी को मिला जीवनदान, ICC ने इंग्लैंड का रिव्यू लौटाया
एडिलेड: एशेज 2025-26 सीरीज के तीसरे टेस्ट के पहले दिन ‘स्निको’ (रियल टाइम स्निकोमीटर) तकनीक पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एलेक्स कैरी को जोश टंग की गेंद पर कैच आउट की अपील पर नॉट आउट दे दिया गया, जबकि स्निको पर स्पाइक दिख रही थी। हालांकि, स्पाइक गेंद के बैट से टच होने से पहले दिखी, जिससे थर्ड अंपायर क्रिस गैफनी ने ऑन-फील्ड नॉट आउट फैसला बरकरार रखा। कैरी उस समय 72 रन पर थे और बाद में 106 रन बनाकर आउट हुए, जिससे ऑस्ट्रेलिया को बड़ा फायदा मिला।
कैरी ने बाद में स्वीकार किया कि उन्होंने गेंद को टच किया था और खुद को भाग्यशाली माना। स्निको की सप्लायर कंपनी BBG स्पोर्ट्स ने गलती स्वीकारी – ऑपरेटर ने गलत स्टंप माइक चुन लिया, जिससे ऑडियो और वीडियो में असिंक हो गया। इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम और मैनेजर ने मैच रेफरी जेफ क्रो से शिकायत की।
ICC का बड़ा फैसला: तकनीकी खामी की पुष्टि के बाद ICC ने इंग्लैंड का खोया हुआ रिव्यू लौटा दिया। मैच रेफरी क्रो ने ICC प्लेइंग कंडीशंस के तहत यह कदम उठाया। इंग्लैंड के बोलिंग कोच डेविड सेकर ने कहा कि सीरीज भर स्निको की कैलिब्रेशन में दिक्कत है। ECB अब ICC से DRS स्टैंडर्ड्स सुधारने की बात करेगा।
यह विवाद नया नहीं – पर्थ टेस्ट में भी स्निको पर सवाल उठे थे। ऑस्ट्रेलिया में RTS (स्निको) इस्तेमाल होता है, जबकि इंग्लैंड में अल्ट्राएज। विशेषज्ञों का मानना है कि एकसमान तकनीक जरूरी है। सीरीज में ऑस्ट्रेलिया मजबूत स्थिति में, लेकिन यह घटना DRS की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है।
