मनरेगा का नाम बदलने पर सियासत तेज: ‘जी राम जी’ बिल पर कॉंग्रेस नेता हरीश रावत का तीखा प्रहार
मनरेगा का नाम बदलने पर सियासत तेज: ‘जी राम जी’ बिल पर कॉंग्रेस नेता हरीश रावत का तीखा प्रहार
केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा का नाम बदलने की तैयारी में है। लोकसभा में मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ करने वाला बिल पेश होने के बाद सियासत तेज हो गई है। संसद में ‘जी राम जी’ (VB-G RAM G) बिल पर हंगामा की गूंज ने प्रदेश में राजनीति सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। बिल पर विपक्षी पार्टियां जमकर सरकार पर हमलावर हैं। वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना के नाम बदलने वाले बिल को लेकर सरकार पर हमला बोला है। हरीश रावत ने कहा कि श्रीरामचन्द्र जी को ऐसे किसी नामकरण की आवश्यकता नहीं है, जिसके कारण भक्त का नाम हटाना पड़े। ऐसे में कल बीजेपी राम से लक्ष्मण का और हनुमान का नाम भी हटा देगी।
मनरेगा का नाम बदलने की तैयारी है, जिसको लेकर विपक्षी दल सरकार को लगातार घेर रही है। इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों आमने-सामने आ गए हैं। मनरेगा का नाम बदल ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानि वीबी जी राम जी (VB-G RAM G) करने की तैयारी है। मनरेगा का नाम बदले जाने को लेकर विपक्ष ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है। विरोध के स्वर देवभूमि उत्तराखंड तक पहुंच गए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना के नाम बदलने वाले बिल को लेकर सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधा। हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि कांग्रेस से नफरत अब महात्मा गांधी तक पहुंच गई है। उन्होंने आगे लिखा कि मनरेगा का आपने नाम ही बदल दिया, अब इस योजना का नाम ‘जी राम जी’ योजना होगा।
महात्मा गांधी श्रीरामचन्द्र के परम भक्त थे, लेकिन आपने भक्त का नाम हटाने के लिए प्रभु के नाम का उपयोग कर दिया और गरीब-वत्सल योजना की आत्मा को नष्ट कर दिया। हरीश रावत ने लिखा कि प्रभु श्रीरामचन्द्र जी को ऐसे किसी नामकरण की आवश्यकता नहीं है, जिसके कारण भक्त का नाम हटाना पड़े। ऐसे में कल बीजेपी राम से लक्ष्मण का और हनुमान का नाम भी हटा देगी। वहीं मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलने वाला बिल पेश करने को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा कर इसका विरोध जताया। कांग्रेस पार्टी इस बिल का महात्मा गांधी का अपमान बता कर विरोध कर रही है।
