देहरादून लोक अदालत: एक दिन में 17,177 मामलों का निस्तारण, ₹21.75 करोड़ का सेटलमेंट
देहरादून लोक अदालत: एक दिन में 17,177 मामलों का निस्तारण, ₹21.75 करोड़ का सेटलमेंट
देहरादून, 14 दिसंबर 2025: राजधानी देहरादून सहित जिले भर में आयोजित साल की आखिरी राष्ट्रीय लोक अदालत में शानदार सफलता मिली। मात्र एक दिन में कुल 17,177 मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण किया गया, जिसमें 10,188 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे। इस दौरान कुल ₹21,75,49,988 (इक्कीस करोड़ पचहत्तर लाख उनचास हजार नौ सौ अठासी रुपये) का सेटलमेंट हुआ।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार हर तीन महीने में आयोजित होने वाली इस लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को जिला मुख्यालय कोर्ट परिसर देहरादून के अलावा ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता तहसील कोर्टों में भी किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस अदालत में मोटर दुर्घटना दावा, सिविल मामले, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, शमनीय आपराधिक मामले और अन्य प्रकृति के वादों पर सुनवाई हुई।
मुख्यालय कोर्ट परिसर में फौजदारी शमनीय मामलों के 511, बैंक रिकवरी के 507, धन वसूली के 26, मोटर दुर्घटना क्लेम के 57, पारिवारिक विवाद के 59, लेबर बोर्ड के 3, मोटर वाहन अधिनियम शमनीय अपराधों के 8950 और अन्य सिविल मामलों के 48 सहित कुल 7261 मामलों का निपटारा किया गया।
तहसील स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा:
विकासनगर: 1242 मामले निस्तारित, ₹1,21,09,000 का समझौता।
ऋषिकेश: 1377 मामले, ₹2,73,66,571 का सेटलमेंट।
डोईवाला: 241 मामले, ₹2,43,28,663 का समझौता।
मसूरी: 52 मामले, ₹9,15,917 का सेटलमेंट।
चकराता: 13 मामले, ₹11,16,543 का समझौता।
देहरादून जिले की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि लोक अदालत के बाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या पहली बार एक लाख से नीचे चली गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं वरिष्ठ सिविल जज सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें न्याय प्रणाली की गरिमा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके जरिए पक्षकारों को त्वरित, सस्ता और आपसी सहमति आधारित न्याय मिलता है।
यह आयोजन पूरे देश में 13 दिसंबर को हुआ, जिसमें लाखों मामले निपटाए गए। देहरादून की तरह अन्य जिलों में भी लोक अदालत ने अदालती बोझ कम करने में बड़ी मदद की।
