संसद शीतकालीन सत्र: ‘SIR पर चर्चा नहीं हो सकती क्योंकि ECI स्वतंत्र संस्था’, लोकसभा में अमित शाह ने तोड़ा विपक्ष का तर्क
संसद शीतकालीन सत्र: ‘SIR पर चर्चा नहीं हो सकती क्योंकि ECI स्वतंत्र संस्था’, लोकसभा में अमित शाह ने तोड़ा विपक्ष का तर्क
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बहस तेज हो गई है। विपक्ष के लगातार ‘वोट चोरी’ और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा की मांग के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने करीब 5 बजे सदन में जवाब देते हुए साफ कहा कि SIR पर अलग से चर्चा नहीं हो सकती क्योंकि चुनाव आयोग (ECI) एक स्वतंत्र, स्वायत्त और संवैधानिक संस्था है। शाह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “ECI को संसद की बहस का विषय बनाना लोकतंत्र के खिलाफ है। यह हमारी सरकार का फैसला नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था का मामला है।” उनकी यह टिप्पणी राहुल गांधी के ‘वोट चोरी सबसे बड़ा राष्ट्र-विरोधी कृत्य’ वाले बयान पर पलटवार था।
लोकसभा में मंगलवार को शुरू हुई दो दिवसीय बहस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ECI पर BJP से साठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने हरियाणा चुनावों में वोटर लिस्ट में ‘ब्राजीलियन मॉडल’ की 22 बार एंट्री और डुप्लिकेट वोटरों का हवाला देते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हैं। राहुल ने RSS को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि वे संस्थाओं पर कब्जा कर रहे हैं। बहस में मनीष तिवारी ने SIR को ‘वोट सुप्रेशन’ का हथियार बताया, जबकि अखिलेश यादव ने यूपी में SIR के दौरान 10 BLOs की मौत पर 1 करोड़ मुआवजा और नौकरी की मांग की।
शाह ने जवाब में विपक्ष के पुराने इतिहास को उछाला। उन्होंने इंदिरा गांधी के इमरजेंसी काल का जिक्र करते हुए कहा, “रायबरेली में वोट चोरी से जीतने वाली कांग्रेस अब ECI पर सवाल उठा रही है।” BJP सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल पर तंज कसा, “EVM तो राजीव गांधी ने 1987 में लाए थे, अब उसी पर आरोप?” NDA को 3 घंटे का समय मिला, जहां TDP और JD(U) ने विपक्ष के ‘डबल स्टैंडर्ड’ पर हमला बोला। कंगना रनौत ने कहा, “PM मोदी EVM हैक नहीं करते, दिल जीतते हैं।”
राज्यसभा में वंदे मातरम के 150वें वर्षगांठ पर बहस जारी रही, जहां शाह ने विपक्ष पर पश्चिम बंगाल चुनावों से जोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम को विभाजनकारी बताने वाली राजनीति ने देश को तोड़ा।” मल्लिकार्जुन खड़गे और JP नड्डा के बीच तीखी बहस हुई।
विपक्ष ने VVPAT गिनती और पेपर बैलेट की मांग की, लेकिन शाह ने ECI की स्वतंत्रता पर जोर दिया। सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। ताजा अपडेट्स के लिए पेज रिफ्रेश करें!
