यूपी में घुसपैठियों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: योगी सरकार का मास्टर प्लान, जानें पूरी रणनीति
यूपी में घुसपैठियों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: योगी सरकार का मास्टर प्लान, जानें पूरी रणनीति
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ नामक व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है, जो घुसपैठियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन पर केंद्रित है। 9 दिसंबर को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह अभियान राज्य की आंतरिक सुरक्षा मजबूत करेगा, अपराध दर घटाएगा और सरकारी योजनाओं का लाभ असली हकदारों तक पहुंचाएगा। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर विशेष नजर, जो राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
योगी सरकार ने हाल ही में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को खोजने का अभियान शुरू किया है। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घुसपैठियों की तत्काल पहचान करें, प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित करें और उन्हें निर्वासित करें। यह कदम 2026 विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदुत्व के मुद्दे को मजबूत करने का प्रयास लगता है। आरएसएस-बीजेपी की रणनीति में योगी की सख्त छवि का इस्तेमाल हो रहा है, जैसा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली चुनावों में देखा गया।
‘सर्जिकल स्ट्राइक’ योजना की मुख्य विशेषताएं:
पहचान अभियान: आधुनिक तकनीक से फर्जी दस्तावेजों की जांच। बायोमेट्रिक प्रोफाइल (फिंगरप्रिंट, फेशियल रिकग्निशन) बनाकर नेशनल नेगेटिव लिस्ट तैयार। हाई-टेक सर्विलांस से आधार, राशन और आवास योजनाओं में घुसपैठ रोकी जाएगी।
हिरासत और सुरक्षा: घुसपैठियों को ‘अभेद्य’ डिटेंशन सेंटरों में स्थानांतरित, जहां ब्रेकआउट असंभव। प्रत्येक जिले में अस्थायी सेंटर स्थापित।
निर्वासन: सत्यापित घुसपैठियों को तुरंत देश से बाहर। फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई।
सुरक्षा फोकस: सीमावर्ती जिलों में पुलिस और एजेंसियों को मजबूत किया जाएगा। अपराध कम करने और जनता का विश्वास बढ़ाने का लक्ष्य।
सीएम योगी ने जनता से अपील की है: ‘घरेलू या व्यावसायिक कामकाज में किसी को रखने से पहले पहचान सत्यापित करें।’ 7 दिसंबर को उन्होंने चेतावनी दी कि बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठियों पर ‘कठोर और निर्णायक’ कार्रवाई होगी। पिछले हफ्ते कई उच्च-स्तरीय बैठकें हुईं, जहां योगी ने स्पष्ट कहा, ‘यूपी के संसाधन पहले इसके असली नागरिकों के हैं।’
विपक्ष ने इसे ‘राजनीतिक स्टंट’ बताया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल पूरे देश के लिए बनेगा। सोशल क्या यह अभियान 2027 चुनावों का गेम-चेंजर बनेगा? फिलहाल, यूपी में सुरक्षा का नया दौर शुरू हो चुका है।
