IndiGo के संकट ने दिल्ली की अर्थव्यवस्था को किया ध्वस्त: 1000 करोड़ का नुकसान, व्यापार पर पड़ा भारी असर!
IndiGo के संकट ने दिल्ली की अर्थव्यवस्था को किया ध्वस्त: 1000 करोड़ का नुकसान, व्यापार पर पड़ा भारी असर!
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo के जारी संकट ने दिल्ली की आर्थिक धमनियों को बुरी तरह चोट पहुंचाई है। लगातार उड़ान रद्द होने से राजधानी के व्यापार, पर्यटन और उद्योग क्षेत्रों को करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अनुसार, यह संकट पीक टूरिज्म सीजन में आया है, जिससे होटल, रिटेल मार्केट्स और इवेंट्स पर मार पड़ी है। दैनिक 1.5 लाख यात्रियों में से 50,000 व्यापारी और बिजनेस ट्रैवलर्स प्रभावित हुए हैं, जिससे मार्केट फुटफॉल 25% तक गिर गया।
संकट की शुरुआत 2 दिसंबर को नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों से हुई, जो पायलटों की थकान रोकने के लिए लाए गए थे। इससे क्रू शॉर्टेज हो गया और उड़ानें रद्द होने लगीं। 3 दिसंबर से दिल्ली में ही 475 डिपार्चर और 371 अराइवल कैंसल हुए। 9वें दिन भी 150 से ज्यादा उड़ानें रद्द रहीं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता प्रमुख प्रभावित। DGCA ने IndiGo को 10% उड़ानें कम करने का आदेश दिया, ताकि स्थिरता आए।
व्यापारियों का कहना है कि कैंसिलेशन्स की खबरों से आउटस्टेशन ट्रैवलर्स रुक गए, जिससे होलसेल मार्केट्स, रिटेल हब्स और कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट्स ठप हो गए। CTI चेयरमैन बrijesh गोलयाल ने कहा, ‘दैनिक डिसरप्शन से ट्रेडर्स, टूरिस्ट्स और बिजनेस ट्रैवलर्स की मूवमेंट प्रभावित हुई। क्रिसमस-न्यू ईयर बुकिंग्स कैंसल हो रही हैं, डेस्टिनेशन वेडिंग्स बाधित।’ होटल, ट्रांसपोर्ट, कैटरर्स और इवेंट प्लानर्स को चेन रिएक्शन से नुकसान हो रहा। कुछ मामलों में 5000 रुपये का टिकट 39,000 तक पहुंच गया, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा।
IndiGo ने अब तक 827 करोड़ रुपये रिफंड किए हैं (नवंबर 21 से दिसंबर 7 तक 9.55 लाख PNRs के लिए), और 1396 करोड़ कुल रिफंड प्रोसेस में हैं। 9000 में से 4500 बैग्स डिलीवर हो चुके, बाकी 36 घंटों में। एयरलाइन का कहना है कि ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 91% पहुंच गई, लेकिन 1800 उड़ानें ही ऑपरेट हो रहीं। मिनिस्ट्री ने फेयर कैप लगाया: 500 किमी तक 7500, 1500 किमी से ऊपर 18,000 रुपये।
सोशल मीडिया पर #IndiGoCrisis ट्रेंड कर रहा, जहां पैसेंजर्स गुस्सा जाहिर कर रहे। विपक्ष ने संसद में बहस की मांग की। अगर जल्द स्थिरता न आई, तो नुकसान और बढ़ेगा। दिल्ली के व्यापार जगत को उम्मीद कि DGCA की जांच से दोषियों पर कार्रवाई हो। फिलहाल, ‘ऑल इज नॉट वेल’ का दौर चल रहा है!
