चीन के सपोर्ट में पुतिन का तेवर तीखा: जापान के खिलाफ रूसी जंगी जहाज तैनात, तनाव चरम पर!
चीन के सपोर्ट में पुतिन का तेवर तीखा: जापान के खिलाफ रूसी जंगी जहाज तैनात, तनाव चरम पर!
टोक्यो: रूस और चीन की ‘नो लिमिट्स’ साझेदारी ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नया तनाव पैदा कर दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में रूसी नौसेना ने चीन के समर्थन में जापान के खिलाफ युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुए संयुक्त नौसैनिक अभियान में रूसी पैसिफिक फ्लीट के चार जहाजों ने होक्काइडो के पास जापानी जल सीमाओं के करीब नौवहन किया, जिसे जापान ने ‘प्रदर्शनकारी’ करार दिया। अमेरिकी नौसेना की निगरानी में यह कदम ताइवान और दक्षिण चीन सागर विवादों के बीच वैश्विक चिंता बढ़ा रहा है।
जापान के जॉइंट स्टाफ ऑफिस (JSO) के अनुसार, 16 सितंबर को रूसी डिस्ट्रॉयर आरएफएस एडमिरल पैंटेलेयेव (548), कॉर्वेट आरएफएस सोवर्शेन्न्यी (333), एम्फीबियस टैंक लैंडिंग शिप आरएफएस ओस्लाब्या (066) और माइन्सवीपर अनाटोली श्लेमोव (757) को होक्काइडो के केप सोया के उत्तर में 18 मील दूर पकड़ा गया। ये जहाज ला पेरोज स्ट्रेट से होकर सागर ऑफ जापान में पश्चिम की ओर बढ़े। जापानी मारिटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JMSDF) ने फास्ट अटैक क्राफ्ट जेएस वाटाकाटा (PG-825) और पी-3सी ओरियन विमान से निगरानी की। JSO ने इसे रूसी ‘स्ट्रेंथ इन ट्रूथ’ अभियान का हिस्सा बताया, जो द्वितीय विश्व युद्ध की याद में पैसिफिक फ्लीट का प्रचार दौरा है।
इसी बीच, चीनी नौसेना (पीएलएएन) के डिस्ट्रॉयर सीएनएस हुआनान (123) और सीएनएस कैफेंग (124) के साथ फ्लीट ऑयलर सीएनएस डोंगपिंगहू (902) ने त्सुशिमा स्ट्रेट से होकर सागर ऑफ जापान में प्रवेश किया। ये जहाज ओकिनावा के दक्षिण-पूर्वी जल में चीनी यूएवी और एमपीए के साथ सक्रिय थे। रूसी मॉड ने कहा कि ये संयुक्त गश्तें एंटी-सबमरीन वारफेयर, एयर डिफेंस और सी-रिस्क्यू अभ्यासों पर केंद्रित हैं। न्यूजवीक की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन का ‘मसल फ्लेक्स’ है, जो यूक्रेन युद्ध के बीच चीन के साथ एकजुटता दिखाता है।
जापानी डिफेंस मिनिस्ट्री ने चेतावनी दी कि ये ऑपरेशन्स ‘अभूतपूर्व’ हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा कर रहे हैं। अमेरिका ने यूएसएनएस लेक एरी (सीजी-70) और यूएसएस किड (डीडीजी-100) को नॉर्दर्न पैसिफिक में तैनात किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस-चीन गठजोड़ दक्षिणी गोलार्ध में भी फैल रहा है, जहां रूसी जहाज क्यूबा, वेनेजुएला और निकारागुआ के बंदरगाहों पर पहुंच रहे हैं। चीनी एम्बेसी ने कहा, ‘यह वार्षिक सहयोग योजना का हिस्सा है, किसी को निशाना नहीं।’ लेकिन अल जजीरा की रिपोर्ट बताती है कि ऐसी गश्तें अक्सर ताइवान जलडमरूमध्य के करीब होती हैं।
सोशल मीडिया पर #RussiaChinaNavy ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स जापान की चिंता पर बहस कर रहे हैं। पूर्व बेल्जियन नेवी एनालिस्ट फ्रेडरिक वैन लोकेरेन कहते हैं, ‘यह डिप्लोमैटिक ऑफेंसिव है, जो न्यूट्रल देशों को प्रभावित कर रहा।’ पुतिन का यह कदम चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को मजबूत करने का प्रयास लगता है। फिलहाल, जापान और अमेरिका सतर्क हैं – क्या यह सिर्फ अभ्यास है या बड़ा संघर्ष का संकेत?
