इंडिगो संकट: 6 दिनों में 3900 उड़ानें रद्द, DGCA ने CEO समेत टॉप अधिकारियों को समन जारी – 10 दिसंबर तक सामान्य होने का दावा
इंडिगो संकट: 6 दिनों में 3900 उड़ानें रद्द, DGCA ने CEO समेत टॉप अधिकारियों को समन जारी – 10 दिसंबर तक सामान्य होने का दावा
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संकट अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है। 2 दिसंबर से शुरू हुए इस विमानन संकट ने 6 दिनों में करीब 3900 उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे लाखों यात्री फंस गए। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने सोमवार को CEO पीटर एल्बर्स और COO इसिड्रो पोरकेरास समेत टॉप अधिकारियों को 11 दिसंबर को समन जारी किया है। एक चार सदस्यीय प्रॉब पैनल ने इसकी जांच शुरू कर दी है, जो पायलट शॉर्टेज, रोस्टरिंग गड़बड़ी और FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट) नियमों के पालन पर सवाल उठा रहा है।
DGCA ने शनिवार को CEO और अकाउंटेबल मैनेजर को शो-कॉज नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा गया कि “एयरलाइन ने पायलट थकान प्रबंधन में विफलता दिखाई, जो विमान नियम 1937 के रूल 42A का उल्लंघन है।” नोटिस में 24 घंटे में जवाब मांगा गया, लेकिन इंडिगो ने विस्तार मांगा, जिसे रविवार को 24 घंटे की मोहलत मिली – अब जवाब सोमवार शाम 6 बजे तक देना है। DGCA ने चेतावनी दी कि कोई और विस्तार नहीं मिलेगा। पैनल, जिसमें जॉइंट DG संजय ब्रह्मणे, डिप्टी DG अमित गुप्ता, फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर कैपिल मंगलिक और लोकेश रामपाल शामिल हैं, मंगलवार को अधिकारियों से पूछताछ करेगा।
संकट की जड़ नवंबर 1 से लागू FDTL नियमों में है, जो पायलटों की ड्यूटी और रेस्ट को सख्त बनाते हैं। इंडिगो ने दावा किया कि इससे पायलट शॉर्टेज हुआ, लेकिन DGCA ने कहा कि एयरलाइन ने समय रहते तैयारी नहीं की। 2-7 दिसंबर तक 3900 उड़ानें रद्द हुईं – शुक्रवार को रिकॉर्ड 1600 रद्द। सोमवार को 1800 उड़ानें उड़ीं, लेकिन 500 रद्द रहीं। हैदराबाद (115), मुंबई (112), दिल्ली (109), चेन्नई (38) में सबसे ज्यादा प्रभाव। एयरपोर्ट्स पर बैगेज का पहाड़ लग गया – 4500 बैग डिलीवर हो चुके, बाकी 36 घंटे में। रिफंड्स के लिए 610 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।
इंडिगो CEO पीटर एल्बर्स ने वीडियो में माफी मांगी: “हम 10-15 दिसंबर तक सामान्य हो जाएंगे।” एयरलाइन ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बनाया है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने फेयर कैप लगाया – दिल्ली-मुंबई पर 18,000 रुपये तक। सुप्रीम कोर्ट ने PIL पर सुनवाई टाली, लेकिन सरकार ने कदम उठाए। विपक्ष ने ‘मोनोपॉली’ का आरोप लगाया। एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ने छूट का विरोध किया, कहा “यह सुरक्षा से खिलवाड़ है।”
यह संकट एविएशन सेक्टर को झकझोर रहा है। संसदीय पैनल भी अधिकारियों को बुला सकता है। क्या जांच से बड़ा खुलासा होगा? इंतजार।
