बिहार राजनीति में नया मोड़: AIMIM के पांचों विधायक CM नीतीश से मिले, मुर्शीद आलम ने बताया ‘राजनीतिक गुरु’
बिहार राजनीति में नया मोड़: AIMIM के पांचों विधायक CM नीतीश से मिले, मुर्शीद आलम ने बताया ‘राजनीतिक गुरु’
आज (8 दिसंबर 2025) बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के सभी पांच विधायकों ने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से औपचारिक मुलाकात की। यह मुलाकात विधानसभा परिसर में हुई, जहां विधायकों ने सीमांचल क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद AIMIM विधायक मोहम्मद मुर्शीद आलम ने मीडिया से बातचीत में CM नीतीश की खुलकर तारीफ की और उन्हें अपना “राजनीतिक गुरु” बताया।
मुलाकात का मुख्य उद्देश्य
सीमांचल के विकास पर फोकस: AIMIM विधायकों ने सीमांचल (अररिया, किशनगंज, पूर्णिया आदि जिलों) में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने की मांग रखी। यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है और AIMIM का मजबूत गढ़ माना जाता है।
विधायकों की सूची: जोकीहाट से मो. मुर्शीद आलम, कोचाधामन से सरवर आलम, बहादुरगंज से मो. तौसीफ आलम समेत पांचों विधायक मौजूद थे। ये सभी हाल के बिहार विधानसभा चुनाव (2025) में AIMIM की जीत के बाद विधायक बने हैं।
मुर्शीद आलम का बयान: ‘नीतीश मेरे गुरु, एहसान नहीं भूलूंगा’
मुलाकात के बाद जोकीहाट से AIMIM विधायक मुर्शीद आलम ने कहा:
“सीएम नीतीश कुमार मेरे राजनीतिक गुरु हैं। 2014 में उन्होंने मुझे JDU में शामिल कराया और राजनीति में आगे बढ़ने का मौका दिया। आज भले ही मैं AIMIM में हूं, लेकिन उनका एहसान कभी नहीं भूल सकता। नीतीश कुमार ने बिहार को नई दिशा दी है, उनकी कार्यशैली मेरी प्रेरणा है।”
आलम ने स्पष्ट किया कि वे नीतीश सरकार का विरोध भी करेंगे अगर जरूरी हुआ, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनका सम्मान बरकरार रहेगा। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां #AIMIM #NitishKumar जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
राजनीतिक संदर्भ और अटकलें
पिछला इतिहास: 2020 के बिहार चुनाव में AIMIM ने भी 5 सीटें जीती थीं, लेकिन 4 विधायक बाद में RJD में शामिल हो गए थे। अब 2025 में फिर 5 सीटें जीतने के बाद पार्टी मजबूत दिख रही है। हाल ही में ओवैसी ने नवंबर 2025 में एक रैली में नीतीश सरकार को “समर्थन देने को तैयार” बताया था, लेकिन शर्त रखी थी कि सीमांचल को न्याय मिले।
क्या AIMIM-JDU गठबंधन?: आलम के बयान से सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। कुछ विश्लेषक मानते हैं कि यह JDU को मजबूत करने की कोशिश हो सकती है, खासकर BJP के साथ NDA में नीतीश की स्थिति को देखते हुए। हालांकि, AIMIM ने अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।
ओवैसी की प्रतिक्रिया: अभी तक AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की ओर से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने मुलाकात को “क्षेत्रीय विकास के लिए सकारात्मक” बताया।
यह घटना बिहार की सियासत को नया रंग दे सकती है, जहां विपक्षी दलों (RJD-कांग्रेस) के लिए चुनौती बढ़ सकती है। अगर AIMIM का झुकाव NDA की ओर हुआ, तो विधानसभा में संख्याबल पर असर पड़ सकता है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।
