सर्दियों में गुड़ः प्रकृति का गर्म तौहफा, सेहत का खजाना
सर्दियों में गुड़ः प्रकृति का गर्म तौहफा, सेहत का खजाना
जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, लोग गर्म कपड़े और हीटर का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद और हमारे बुजुर्ग हमेशा एक सस्ता और स्वादिष्ट उपाय बताते हैं – गुड़! साधारण सी दिखने वाली यह ब्राउन शुगर की गांठें ठंड में शरीर को अंदर से गर्म रखने का काम करती हैं और कई बीमारियों से बचाती हैं।
आयुर्वेद के अनुसार गुड़ की तासीर गर्म होती है। इसे खाने से शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ता है, जिससे ठंड लगने की समस्या कम हो जाती है। रोज़ सुबह खाली पेट एक छोटा टुकड़ा गुड़ और गुनगुना पानी लेने से पूरे दिन ताजगी बनी रहती है।
गुड़ आयरन का बेहतरीन स्रोत है। सर्दियों में खून की कमी (एनीमिया) आम समस्या होती है, खासकर महिलाओं में। रोज़ 20-30 ग्राम गुड़ खाने से हीमोग्लोबिन लेवल तेज़ी से बढ़ता है। साथ ही इसमें मौजूद मैग्नीशियम, पोटैशियम और कैल्शियम हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं, जो ठंड में जोड़ों के दर्द से राहत देता है।
सर्दी-खांसी और गले की खराश से परेशान हैं? गुड़ के साथ अदरक का पाउडर या सोंठ मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बनाएं और दिन में 3-4 बार चूसें – दो-तीन दिन में आराम मिलेगा। यह प्राकृतिक कफ निस्सारक का काम करता है।
पाचन तंत्र भी ठंड में सुस्त पड़ जाता है। गुड़ खाने से पेट में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं और कब्ज़ दूर होती है। बाज़ार की सफेद चीनी की जगह अगर चाय-दूध में गुड़ डालें तो ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है।
त्वचा भी ठंड में रूखी हो जाती है। गुड़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स खून साफ करते हैं और चेहरे पर निखार लाते हैं।
तो इस सर्दी में गरमागरम गुड़ की चाय, गजक, रेवड़ी या गुड़-मूंगफली का लुत्फ़ उठाएं। कम खर्च में सेहत और स्वाद दोनों मिलेंगे!
