वंदे मातरम से चुनाव सुधार तक: प्रियंका-राहुल की जोड़ी से संसद में महाभारत, कांग्रेस ने बांधा चक्रव्यूह
वंदे मातरम से चुनाव सुधार तक: प्रियंका-राहुल की जोड़ी से संसद में महाभारत, कांग्रेस ने बांधा चक्रव्यूह
संसद का शीतकालीन सत्र गरमाने को है। वंदे मातरम के 150वें वर्षगांठ पर बहस से लेकर चुनाव सुधारों तक, कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष का चक्रव्यूह बांध दिया है। सोमवार (8 दिसंबर) को लोकसभा में वंदे मातरम पर बहस शुरू होगी, जहां प्रियंका प्रमुख वक्ता होंगी। मंगलवार (9 दिसंबर) को चुनाव सुधारों पर राहुल गांधी विपक्ष का नेतृत्व करेंगे। यह रणनीति सरकार को घेरने के लिए तैयार की गई है, जहां वंदे मातरम को ‘विभाजनकारी राजनीति’ का हथियार बताकर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर हमला बोला है, तो चुनाव सुधारों में ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर ईसीआई पर सवाल खड़े करेगी।
कांग्रेस ने वंदे मातरम बहस के लिए आठ सांसदों की सूची जारी की है, जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा, डिप्टी लीडर गौरव गोगोई, दीपेंद्र हुड्डा, मणिपुर के डॉ. बिमोल अकोइजम, प्रणिति शिंदे, प्रशांत पडोले, चमाला रेड्डी और कोरबा की ज्योत्सना महंत शामिल हैं। पीएम मोदी बहस की शुरुआत करेंगे, उसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोलेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी ने वंदे मातरम को तोड़-मरोड़कर कांग्रेस पर विभाजन का इल्जाम लगाया, जबकि 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमिटी ने रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर पहले दो छंद ही अपनाए थे। पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, “मोदी टैगोर को विभाजनकारी कह रहे हैं, जो शर्मनाक है।” प्रियंका ने इसे ‘मोदी साम्राज्य’ के खिलाफ गांधीजी की लड़ाई से जोड़ा, जहां वंदे मातरम अहिंसा का प्रतीक है, लेकिन पीएम ‘कट्टा-डोंगली’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
दूसरी ओर, मंगलवार को चुनाव सुधारों पर 10 घंटे की बहस होगी, जहां राहुल गांधी खुलकर ‘वोट चोरी’ और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर बोलेंगे। विपक्ष का दावा है कि SIR से बिहार जैसे राज्यों में असली वोटरों के नाम कट रहे हैं और BLOs पर दबाव बनाया जा रहा है। राहुल ने संसद के बाहर धरना दिया था, जहां सोनिया, प्रियंका और मल्लिकार्जुन खड़गे उनके साथ थे। कांग्रेस सांसदों में राहुल के अलावा गौरव गोगोई, प्रियंका, दीपेंद्र हुड्डा आदि बोलेंगे। विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बुधवार को जवाब देंगे। राहुल ने कहा, “यह वोटरों का अधिकार छीनने की साजिश है। ईसीआई जवाबदेह हो।” विपक्ष ने इसे ‘चक्रव्यूह’ बताया, जहां वंदे मातरम बहस को SIR पर दबाने का हथकंडा कहा।
सरकार ने इसे स्वागतयोग्य बताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “विपक्ष की एकता से समझौता हुआ। वंदे मातरम पर बहस राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनेगी।” राज्यसभा में अमित शाह मंगलवार को वंदे मातरम पर बोलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बहस 2026 चुनावों की दिशा तय करेगी। कांग्रेस का चक्रव्यूह सरकार को कहीं घेर पाएगा?
