RBI ने उठाया बड़ा कदम: डॉलर-रुपया स्वैप और OMO से थमेगी रुपये की गिरावट, एक्सपर्ट्स बोले- बाजार को स्थिरता मिलेगी
RBI ने उठाया बड़ा कदम: डॉलर-रुपया स्वैप और OMO से थमेगी रुपये की गिरावट, एक्सपर्ट्स बोले- बाजार को स्थिरता मिलेगी
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रुपये की लगातार गिरावट को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 5 दिसंबर 2025 को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में RBI ने 25 आधार अंकों की कटौती के साथ रेपो रेट को 5.25% कर दिया। साथ ही, बाजार में स्थिरता लाने के लिए ₹1 लाख करोड़ के ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO) खरीद और 3 साल के $5 बिलियन डॉलर-रुपया बाय/सेल स्वैप की घोषणा की। यह कदम रुपये को 90 के पार जाने से रोकने के लिए है, जो हाल ही में रिकॉर्ड निचले स्तर 89.89 पर पहुंच गया था।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम किसी स्पेसिफिक प्राइस लेवल या बैंड को टारगेट नहीं करते। बाजार को कीमत तय करने देते हैं। हमारा मकसद असामान्य उतार-चढ़ाव को कम करना है। बाहरी क्षेत्र मजबूत है, फॉरेक्स रिजर्व पर्याप्त हैं और कैपिटल फ्लो की उम्मीद है।” उन्होंने जोड़ा कि 5% रुपये की गिरावट से महंगाई 35 आधार अंक बढ़ सकती है, लेकिन यह निर्यात को 25 आधार अंक बूस्ट देगी। स्वैप से लिक्विडिटी इंजेक्ट होगी, जो रुपये को सपोर्ट करेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में कहा, “रुपया अपना लेवल खुद ढूंढ लेगा।” उन्होंने वैश्विक फैक्टर्स जैसे US टैरिफ और FII आउटफ्लो का जिक्र किया, लेकिन आर्थिक फंडामेंटल्स को मजबूत बताया।
एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
अशवनी धनावत, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, श्रीराम जनरल इंश्योरेंस: “रेट कट ग्रोथ को सपोर्ट करेगी। OMO और स्वैप रुपये की वोलेटिलिटी को कंट्रोल करेंगे। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद यह स्मार्ट मूव है।”
सौम्या कांति घोष, ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर, SBI: “स्वैप न सिर्फ लिक्विडिटी देगा, बल्कि रुपये को गिरावट से बचाएगा। डॉलर खरीदकर RBI बाजार को सपोर्ट कर रही है। रेट 5.25% पर लंबे समय तक रहेगी।”
अनिंद्या बनर्जी, हेड करेंसी एंड कमोडिटीज, कोटक सिक्योरिटीज: “रुपये की गिरावट से कंज्यूमर प्रभावित होंगे – विदेश यात्रा, एजुकेशन महंगी। लेकिन RBI का हस्तक्षेप निर्यात को फायदा देगा। स्वैप रिजर्व बचाएगा।”
रुपये पर असर: क्या उम्मीद?
2025 में रुपये में 5% गिरावट आई, जो एशिया की सबसे खराब है। जनवरी में 86.70 का लो हिट हुआ, लेकिन नवंबर-दिसंबर में 90 के करीब। RBI का नया स्ट्रैटेजी मार्केट को ज्यादा स्पेस देगी, लेकिन वोलेटिलिटी कंट्रोल करेगी। फॉरेक्स रिजर्व $625.87 बिलियन पर है, जो गिरावट को संभाल सकता है।
आम आदमी पर प्रभाव
महंगाई: कम, लेकिन इंपोर्टेड गुड्स (पेट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक्स) महंगे।
लोन EMI: रेट कट से घर-कार लोन सस्ते।
निर्यात: IT, टेक्सटाइल को बूस्ट।
सुझाव: एक्सपर्ट्स ने विदेशी निवेश बढ़ाने और ग्रीन एनर्जी पर फोकस की सलाह दी।
RBI का यह कदम वैश्विक अनिश्चितताओं (ट्रंप टैरिफ) के बीच संतुलन बनाए रखेगा। जानकारों का मानना है कि 2026 तक रुपये 87-88 पर स्थिर हो सकता है।
