उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: बारात लौटते वक्त 200 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, 5 की मौत; CM धामी ने जताया शोक
उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: बारात लौटते वक्त 200 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, 5 की मौत; CM धामी ने जताया शोक
उत्तराखंड के चंपावत जिले में शुक्रवार तड़के एक भयानक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। बारात से लौट रही एक बोलेरो जीप अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में खचड़मच हो गई, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें SDRF की मदद से खाई से निकालकर लोहाघाट के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की।
हादसा चंपावत-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरकोट के पास बागधारा घाटी में करीब 2:30 बजे हुआ। बारात पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली के सेराघाट से चंपावत के पाटी ब्लॉक स्थित बालाटड़ी गांव में आई थी। शादी के रस्मो-रिवाज के बाद लौटते समय बोलेरो में सवार बारातियों की जीप तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक का नियंत्रण खोने से वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में लुढ़क गया। मौके पर पहुंची SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद शवों और घायलों को बाहर निकाला। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, और उन्हें हेलीकॉप्टर से देहरादून रेफर करने की तैयारी चल रही है।
मृतकों में प्रकाश चंद उनियाल (40, सुभाषनगर रुद्रपुर), केवल चंद उनियाल (35), सुरेश नौटियाल (32), भावना चौबे (28) और उसका छह वर्षीय बेटा प्रियांशु चौबे शामिल हैं। ये सभी रुद्रपुर और आसपास के इलाकों के निवासी थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक सुरेंद्र मेहरा और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और अंधेरे को हादसे का मुख्य कारण बताया है। चालक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मुख्यमंत्री धामी ने ट्वीट कर कहा, “चंपावत में हुए दुखद हादसे की खबर से मन अत्यंत दुखी है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। जिला प्रशासन को सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।” उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की अनुदान राशि देने के आदेश जारी किए। विपक्षी नेता हरिश रावत ने भी शोक व्यक्त किया और सड़क सुरक्षा पर विशेष अभियान चलाने की मांग की।
उत्तराखंड में पहाड़ी सड़कें अपनी घुमावदार प्रकृति के कारण हादसों के लिए कुख्यात हैं। इस साल अब तक राज्य में 800 से अधिक सड़क हादसों में 849 लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंधेरे में ड्राइविंग, तेज गति और वाहनों की खराब स्थिति प्रमुख कारण हैं। जिला प्रशासन ने हादसे वाली जगह पर चेतावनी संकेत लगाने और रोड सेफ्टी कैंपेन तेज करने का फैसला लिया है। मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है, और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
