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भारत टैक्सी: ड्राइवरों को सौंपा कमाई का पूरा नियंत्रण, सस्ते किराए से यात्रियों को मिलेगी राहत!

भारत टैक्सी: ड्राइवरों को सौंपा कमाई का पूरा नियंत्रण, सस्ते किराए से यात्रियों को मिलेगी राहत!

भारत सरकार ने राइड-हेलिंग इंडस्ट्री में क्रांति लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (एनईजीडी) के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारत टैक्सी’ ऐप की शुरुआत हो चुकी है। यह देश की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस है, जो ओला, उबर और रैपिडो जैसी प्राइवेट कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है। खास बात यह है कि यहां ड्राइवरों को हर सवारी की पूरी कमाई मिलेगी—कोई कमीशन कटौती नहीं! केवल नाममात्र की मेंबरशिप फीस (रोजाना, साप्ताहिक या मासिक) देनी होगी, जो प्राइवेट प्लेटफॉर्म्स के 20-25% कमीशन से कहीं बेहतर है।

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित यह सर्विस ड्राइवरों को ‘सारथी’ का दर्जा देती है। वे न केवल मेंबर्स होंगे, बल्कि शेयरधारक भी बनेंगे, जिससे उन्हें प्लेटफॉर्म के फैसलों में आवाज मिलेगी। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि नवंबर तक 37,000 से ज्यादा ड्राइवर रजिस्टर हो चुके हैं, जबकि दिल्ली पायलट में 51,000 से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं। सॉफ्ट लॉन्च 10 नवंबर को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के प्रीपेड टैक्सी बूथ्स से हुआ। ड्राइवर ऐप 13 नवंबर को दिल्ली में और 26 नवंबर को गुजरात के राजकोट में लॉन्च किया गया।

पायलट फेज नवंबर 2025 में दिल्ली से शुरू हो चुका है, जहां 650 वाहनों के साथ टेस्टिंग चल रही है। दिसंबर तक यह अन्य शहरों में फैलेगी और जनवरी 2026 तक पूर्ण रूप से लॉन्च हो जाएगी। अगले साल 20 शहरों जैसे मुंबई, पुणे, भोपाल, लखनऊ और जयपुर में विस्तार होगा। 2030 तक 1 लाख ड्राइवरों को शामिल करने का लक्ष्य है, जो जिला मुख्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगा। शुरू में 5,000 ड्राइवर (पुरुष और महिला दोनों) शामिल होंगे।

यात्रियों के लिए यह ऐप यूजर-फ्रेंडली है—मल्टी-लिंगुअल इंटरफेस, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, 24/7 कस्टमर सपोर्ट, डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए डिजीलॉकर और UMANG इंटीग्रेशन। पारदर्शी किराया, कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं, और फिक्स्ड फेयर से सस्ती यात्रा सुनिश्चित होगी। फ्लीट में कैब के अलावा ऑटो-रिक्शा और बाइक भी शामिल हैं। अमूल के एमडी जयेन मेहता, जो कोऑपरेटिव के चेयरमैन हैं, ने कहा, “दो दिनों में 20,000 से ज्यादा बुकिंग्स हो चुकी हैं। यह ड्राइवरों को शोषण से मुक्त करने का प्रयास है।”

प्रमोटर्स में नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉर्प (एनसीडीसी), आईएफएफसीओ, अमूल, क्रिशक भारती कोऑपरेटिव (कृभको) और नाफेड जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं। यह ‘सहकार से समृद्धि’ विजन का हिस्सा है, जो ड्राइवरों की आय बढ़ाने और यात्रियों को सुरक्षित, किफायती मोबिलिटी प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्राइवेट प्लेयर्स पर दबाव डालेगा, जिससे इंडस्ट्री में पारदर्शिता और निष्पक्षता आएगी।

लॉन्च के बाद से ही सोशल मीडिया पर उत्साह है। ड्राइवर यूनियंस इसे स्वागतयोग्य बता रही हैं, जबकि यात्री सस्ते किराए से खुश हैं। हालांकि, ऐप परफॉर्मेंस और स्केलिंग चुनौतियां बनी रहेंगी। कुल मिलाकर, भारत टैक्सी नई मोबिलिटी क्रांति का प्रतीक बनेगी, जहां ड्राइवर और यात्री दोनों को फायदा होगा।

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