पीठ दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, हो सकता है कैंसर का संकेत: ब्रिटिश डॉक्टरों की गंभीर चेतावनी
पीठ दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, हो सकता है कैंसर का संकेत: ब्रिटिश डॉक्टरों की गंभीर चेतावनी
आमतौर पर लोग पीठ दर्द को गलत मुद्रा, ज्यादा देर बैठने या मांसपेशियों में खिंचाव समझकर हल्के में ले लेते हैं, लेकिन ब्रिटेन के मशहूर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार बना रहने वाला पीठ का दर्द कई बार जानलेवा बीमारियों का पहला संकेत हो सकता है, खासकर कैंसर का।
नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) और कैंसर रिसर्च यूके के विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पीठ दर्द रात में बढ़ जाए, आराम करने पर भी कम न हो, वजन बेवजह घटने लगे, थकान महसूस हो या बुखार आए तो यह स्पाइनल ट्यूमर, मल्टीपल मायलोमा (खून का कैंसर), प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर या फेफड़ों के कैंसर के मेटास्टेसिस (कैंसर का फैलाव) का लक्षण हो सकता है।
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में पता चला है कि 50 साल से ऊपर के लोगों में अचानक शुरू हुआ गंभीर पीठ दर्द कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि खासकर जो दर्द रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में हो और पैरों में कमजोरी या सुन्नता के साथ आए, उसे तुरंत जांच करवानी चाहिए।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अगर पीठ दर्द तीन हफ्ते से ज्यादा रहे और सामान्य दवाओं से आराम न मिले तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें। ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, MRI या बोन स्कैन जैसी जांच से सही कारण पता चल सकता है। समय पर पता चलने से कई गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल लाइफस्टाइल की वजह से पीठ दर्द आम हो गया है, लेकिन इसे हमेशा मामूली समझना खतरनाक साबित हो सकता है। “पीठ दर्द सिर्फ दर्द नहीं, कभी-कभी शरीर का खतरे का अलार्म भी होता है,” डॉ. करीम खान, ऑर्थोपेडिक स्पाइन सर्जन, NHS।
लोगों से अपील की गई है कि अपने शरीर के संकेतों को अनदेखा न करें। छोटी-सी लापरवाही जान ले सकती है।
