अलीगढ़ में पैतृक हवेली पर कब्जे की साजिश: चंद्रचूड़ सिंह ने डीएम से मांगा इंसाफ, चाची पर लगाए गंभीर आरोप
अलीगढ़ में पैतृक हवेली पर कब्जे की साजिश: चंद्रचूड़ सिंह ने डीएम से मांगा इंसाफ, चाची पर लगाए गंभीर आरोप
अलीगढ़। 90 के दशक के बॉलीवुड के चहेते अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह इन दिनों अपनी पैतृक संपत्ति को लेकर परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रोरावर इलाके में स्थित उनकी करोड़ों रुपये कीमत वाली ऐतिहासिक हवेली ‘द हवेली जलालपुर एस्टेट 1855’ (कल्याण भवन) पर कब्जे और बिक्री की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए उन्होंने जिलाधिकारी (डीएम) से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। चंद्रचूड़ के पिता कैप्टन बलदेव सिंह पूर्व कांग्रेस विधायक रह चुके हैं, जो इस विवाद को और संवेदनशील बना रहा है।
मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को मुंबई से अलीगढ़ पहुंचे चंद्रचूड़ ने अपनी मां कृष्णा कुमारी देवी और भाइयों अभिमन्यु सिंह व अन्य के साथ डीएम चंद्रभूषण सिंह से भेंट की। उन्होंने शिकायत में कहा कि चाचा गंगा सिंह के हालिया निधन के बाद उनकी विधवा चाची और कुछ रिश्तेदारों ने दस्तावेजों में हेराफेरी कर हवेली को बेचने की कोशिश शुरू कर दी है। खैर रोड बाईपास के पास स्थित यह हवेली 1855 में बनी थी और परिवार की विरासत का प्रतीक है। चंद्रचूड़ ने बताया, “मेरा बचपन इसी हवेली में बीता। यहां की हर दीवार यादों से भरी है। लेकिन अपनों ने ही धोखे से सौदा करने का प्लान बनाया। अन्य जमीनों पर भी कब्जा हो चुका है।” उन्होंने मांग की कि हवेली को सुरक्षित रखा जाए और बिक्री पर रोक लगाई जाए।
इससे पहले सोमवार को चंद्रचूड़ ने एसएसपी मलकीयत सिंह के पास भी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि चाची ने माफियाओं से मिलकर संपत्ति हड़पने की साजिश रची है। कई मामले पहले से कोर्ट में विचाराधीन हैं। चंद्रचूड़ ने जलालपुर हवेली पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “हमारी फिल्म ‘बयान’ के प्रमोशन के लिए मैं यहां आया था, लेकिन यह विवाद सामने आ गया। परिवार के लोग प्रभाव का दुरुपयोग कर रहे हैं।” उधर, चाची ने पलटवार किया कि चंद्रचूड़ अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर उन्हें बेदखल करना चाहते हैं।
चंद्रचूड़ सिंह का जन्म 1968 में नई दिल्ली में हुआ, लेकिन उनका पैतृक घर अलीगढ़ के जलालपुर में ही है। पिता बलदेव सिंह खैर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक थे, जबकि मां ओडिशा के बलांगीर रियासत की राजकुमारी थीं। भाई अभिमन्यु सिंह फिल्ममेकर हैं। चंद्रचूड़ ने ‘जोश’, ‘बेखुदी’, ‘सिलसिला प्यार का’ जैसी फिल्मों से पहचान बनाई, लेकिन गोवा में वॉटर स्कीइंग दुर्घटना के बाद करियर पर ब्रेक लगा। हाल ही में वे ‘कथपुतली’ में नजर आए।
डीएम ने आश्वासन दिया कि जांच कराई जाएगी और संपत्ति विवाद का निपटारा कानूनी रूप से होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला उत्तर प्रदेश में पैतृक संपत्ति विवादों का उदाहरण है, जहां दस्तावेजों की हेराफेरी आम है। चंद्रचूड़ ने अपील की कि परिवार को एकजुट रखने के लिए इंसाफ हो। क्या यह विवाद कोर्ट में पहुंचेगा? आने वाले दिनों में साफ होगा।
