राष्ट्रीय

दिल्ली ब्लास्ट केस: आरोपी डॉक्टर आमिर राशिद अली की NIA रिमांड 7 दिन और बढ़ी

दिल्ली ब्लास्ट केस: आरोपी डॉक्टर आमिर राशिद अली की NIA रिमांड 7 दिन और बढ़ी

लाल किला के पास 10 नवंबर को हुए भीषण कार बम धमाके के मुख्य आरोपी डॉक्टर आमिर राशिद अली की रिमांड आज पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 दिन और बढ़ा दी है। स्पेशल NIA जज ने एनआईए की दलील मानते हुए कहा कि आरोपी के बयानों से आतंकी मॉड्यूल का पूरा नेटवर्क सामने आ रहा है, इसलिए गहन पूछताछ जरूरी है।

आमिर राशिद अली पुलवामा के संबूरा का रहने वाला डॉक्टर है। धमाके में इस्तेमाल हुई ह्यूंडई i20 कार उसी के नाम पर रजिस्टर्ड थी। जांच में खुलासा हुआ है कि आमिर ने सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर नबी को दिल्ली में ठिकाना मुहैया कराया, विस्फोटक सामग्री पहुंचाई और हमले की पूरी प्लानिंग में अहम भूमिका निभाई।

‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ पर NIA का शिकंजा

एनआईए ने इस मामले को जैश-ए-मोहम्मद से प्रेरित ‘व्हाइट कॉलर जिहादी मॉड्यूल’ से जोड़ा है। इस मॉड्यूल में डॉक्टर, प्रोफेसर, मौलवी और पढ़े-लिखे युवा शामिल हैं। फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी को इसका मुख्य केंद्र बताया जा रहा है।

पिछले एक साल से यह मॉड्यूल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत कई बड़े शहरों में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था। मॉड्यूल का मास्टरमाइंड मौलवी इरफान अहमद वागे और प्रोफेसर मुजम्मिल शकील अभी फरार हैं।

हालिया छापेमारी और गिरफ्तारियां

30 नवंबर और 1 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, कुलगाम और शोपियां में 12 ठिकानों पर छापे

मौलवी इरफान और कई डॉक्टरों के घरों से डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद

हरियाणा से 3,000 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त

फरीदाबाद के धौज निवासी शोएब को भी 10 दिन की रिमांड पर लिया गया है

एनआईए सूत्रों के मुताबिक, अब तक 10 से ज्यादा डॉक्टरों-प्रोफेसरों से पूछताछ हो चुकी है। यूपी, राजस्थान और कर्नाटक में भी इस मॉड्यूल के लिंक मिले हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह मामला बेहद गंभीर है। एनआईए ने पूरे मॉड्यूल को ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा है। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *