इमरान खान पर अब खत्म होगा सस्पेंस: बहन को मिली मुलाकात की इजाजत, जेल के बाहर PTI का जबरदस्त प्रदर्शन
इमरान खान पर अब खत्म होगा सस्पेंस: बहन को मिली मुलाकात की इजाजत, जेल के बाहर PTI का जबरदस्त प्रदर्शन
पाकिस्तान की राजनीति में तनाव चरम पर पहुंच गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उजमा खानम को रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनसे मिलने की अनुमति मिल गई है, जिससे उनकी सेहत को लेकर फैली अफवाहों पर लगाम लग सकती है। कई हफ्तों से परिवार और वकीलों को मुलाकात से रोके जाने के बाद यह कदम पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के लिए राहत है। उजमा जेल के अंदर गईं, जबकि बाहर PTI समर्थकों की भारी भीड़ ने सरकार के खिलाफ ‘आजादी’ के नारे लगाए।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर PTI के कार्यकर्ताओं, सांसदों और नेताओं की भारी भीड़ जुटी। पार्टी नेता असद कायसर ने कहा, “हाईकोर्ट ने इमरान को परिवार और वकीलों से मिलने का आदेश दिया था, लेकिन जेल प्रशासन ने इसे नजरअंदाज कर दिया। हम शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं।” प्रदर्शनकारी कोर्ट के बाहर इकट्ठा हुए और फिर अदियाला जेल की ओर मार्च करने लगे। एक PTI कार्यकर्ता ने चिल्लाया, “यह सरकार अब सो नहीं पा रही। हम इमरान खान को रिहा कराएंगे!” अदियाला जेल के बाहर भी इमरान समर्थकों ने धरना दिया, जहां पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए। PTI ने इसे ‘आजादी मार्च’ का हिस्सा बताया, जो इमरान की रिहाई और कोर्ट आदेशों के पालन की मांग कर रहा है।
इमरान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं, जहां भ्रष्टाचार और आतंकवाद के कई मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उनकी बहनें—अलीमा खान, नूरीन खान (नियाजी) और उजमा—को कई हफ्तों से मुलाकात से वंचित रखा गया, जिससे जेल में उनकी मौत की अफवाहें फैलीं। 26 नवंबर को जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इमरान स्वस्थ हैं, लेकिन परिवार को विश्वास नहीं हुआ। अलीमा खान ने 28 नवंबर को हाईकोर्ट में कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट पिटीशन दायर की, जिसमें जेल अधीक्षक अब्दुल गफूर अंजुम, पुलिस SHO राजा ऐजाज आजिम और अन्य पर कोर्ट के 24 मार्च के आदेश का उल्लंघन का आरोप लगाया। कोर्ट ने दो हफ्ते में मुलाकात की अनुमति दी थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी जेल के बाहर 16 घंटे का धरना दिया, लेकिन मुलाकात न होने पर हाईकोर्ट पहुंचे। अफरीदी ने कहा, “हम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करेंगे, लेकिन सरकार दमन कर रही है।” PTI ने मंगलवार को हाईकोर्ट और जेल के बाहर विरोध का ऐलान किया, जिसमें सीनेटर और सांसद शामिल हुए। एक वीडियो में अफरीदी ने कहा, “हम पीछे नहीं हटेंगे।”
सरकार ने सख्ती बरती। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सेक्शन 144 लागू कर दिया गया, जो पांच या अधिक लोगों की सभाओं पर प्रतिबंध लगाता है। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने चेतावनी दी, “सेक्शन 144 का पालन सुनिश्चित होगा। कोई भेदभाव नहीं।” शूट-एट-साइट ऑर्डर जारी हैं, और सेना तैनात। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “इमरान को पहले से बेहतर इलाज मिल रहा है।” PTI का दावा है कि यह दमनकारी नीति है, जबकि सरकार इसे कानून का पालन बता रही।
सोशल मीडिया पर #FreeImranKhan ट्रेंड कर रहा, जहां समर्थक वीडियो शेयर कर रहे। एक यूजर ने लिखा, “इमरान जिंदा हैं, उनकी आवाज ही पाकिस्तान बदल देगी।” विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदर्शन 2024 चुनावों की याद दिलाता है, जब PTI ने बड़े विरोध किए थे। उजमा की मुलाकात के बाद बहनें मीडिया को संबोधित करेंगी, जिससे सस्पेंस खत्म हो सकता है। फिलहाल, तनाव बरकरार है, और हिंसा की आशंका से पाकिस्तान सांस थामे है।
