युवाओं में हार्ट अटैक की नई वजह सामने आई: खतरनाक जीन म्यूटेशन!
युवाओं में हार्ट अटैक की नई वजह सामने आई: खतरनाक जीन म्यूटेशन!
पहले जहाँ 50-60 साल के बाद ही हार्ट अटैक की खबरें आम थीं, अब 30-40 साल के युवा भी अचानक दिल का दौरा पड़ने से जान गँवा रहे हैं। डॉक्टर हैरान थे कि अच्छी लाइफस्टाइल, जिम जाने और नॉन-स्मोकर लोगों को भी क्यों अटैक आ रहा है। अब एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने इसका चौंकाने वाला जवाब ढूंढ लिया है — एक दुर्लभ जीन म्यूटेशन!
अमेरिका की हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और भारत के AIIMS दिल्ली के संयुक्त शोध में पता चला है कि “GJC2” नाम के जीन में होने वाला एक खास म्यूटेशन दिल की धमनियों में असामान्य रूप से तेजी से प्लाक जमा कर देता है। यह प्लाक सामान्य से 8-10 गुना तेजी से बढ़ता है, जिससे 35-45 साल की उम्र में ही धमनियाँ पूरी तरह ब्लॉक हो जाती हैं। सबसे खतरनाक बात यह कि इस म्यूटेशन वाले लोगों में LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) लेवल बिल्कुल नॉर्मल रहता है, इसलिए आम ब्लड टेस्ट में भी कुछ पता नहीं चलता।
शोधकर्ताओं ने 1,200 युवा हार्ट अटैक सर्वाइवर्स के जीनोम का विश्लेषण किया। इनमें से 18% लोगों में यही म्यूटेशन मिला, जबकि सामान्य आबादी में यह सिर्फ 0.8% लोगों में होता है। भारत में यह म्यूटेशन दक्षिण एशियाई आबादी में ज्यादा पाया गया, जिसकी वजह से हमारे यहाँ युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा दुनिया से 4 गुना ज्यादा है।
डॉक्टर्स का कहना है कि अब 30 साल से ऊपर हर व्यक्ति को एक बार “कार्डियक जेनेटिक स्क्रीनिंग” करानी चाहिए। यह टेस्ट मात्र 8-10 हजार रुपए में उपलब्ध है और समय रहते खतरे का पता चल जाता है। अगर म्यूटेशन मिले तो कम उम्र से ही खास दवाइयाँ (PCSK9 इनहिबिटर्स) शुरू की जा सकती हैं, जो 90% तक खतरे को रोक सकती हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी है — जिम जाना, सलाद खाना काफी नहीं। अगर परिवार में किसी को 50 से कम उम्र में हार्ट अटैक आया हो तो तुरंत जेनेटिक टेस्ट करवाएँ। यह नया जीन अब युवाओं की “साइलेंट किलर” बनता जा रहा है।
