संसद का शीतकालीन सत्र कल से: पहले दिन 3 नए बिल पेश, वित्त मंत्री का बयान और श्रद्धांजलि से शुरू होगा एजेंडा
संसद का शीतकालीन सत्र कल से: पहले दिन 3 नए बिल पेश, वित्त मंत्री का बयान और श्रद्धांजलि से शुरू होगा एजेंडा
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर (सोमवार) से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिनों में 15 बैठकें होंगी। पहले दिन लोकसभा में सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी, जो कर सुधारों और सुरक्षा से जुड़े हैं। सर्वदलीय बैठक में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “सदन सुचारू रूप से चले, इसके लिए सभी दलों से अपील है।” लेकिन विपक्ष SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और दिल्ली विस्फोट जैसे मुद्दों पर बहस की मांग कर रहा है, जिससे हंगामा तय माना जा रहा है।
लोकसभा का पहले दिन एजेंडा
सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी। एजेंडा इस प्रकार है:
श्रद्धांजलि सभा: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और पूर्व सांसद स्वर्गीय धर्मेंद्र देवी सिंह देव को श्रद्धांजलि दी जाएगी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में यह भावुक पल होगा।
वित्त मंत्री का बयान: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2025-26 के लिए अनुदानों की पहली अनुपूरक मांगों (Supplementary Demands for Grants – First Batch) पर बयान देंगी। इसके साथ ही संबंधित एप्रोप्रिएशन बिल पर चर्चा और पारित करने का प्रस्ताव होगा।
तीन नए विधेयक पेश:
मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025: मणिपुर जीएसटी एक्ट, 2017 में संशोधन के लिए। राज्य में कर प्रशासन को मजबूत करने का उद्देश्य। राष्ट्रपति की सिफारिश प्राप्त।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025: उत्पाद शुल्क नियमों में बदलाव, वस्तुओं और उद्योगों के लिए आधुनिक नियमन। अनुच्छेद 117 और 274 के तहत मंजूरी।
स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025: नई उपकर लगाने का प्रावधान, जो केंद्र की राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय के लिए फंड जुटाएगा। निर्दिष्ट वस्तुओं के उत्पादन पर लगेगा।
ये बिल राष्ट्रपति की सिफारिश पर पेश होंगे। सीतारमण इन्हें चर्चा और पारित करने के लिए टेबल करेंगी।
राज्यसभा का एजेंडा
राज्यसभा की बैठक भी सुबह 11 बजे शुरू होगी:
शपथ ग्रहण: जम्मू-कश्मीर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन नवनिर्वाचित सांसद – शम्मी ओबेरॉय, सज्जाद अहमद किचलू और चौधरी मोहम्मद रजवान – शपथ लेंगे।
विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट: राज्यसभा के नियमों और शिष्टाचार उल्लंघन के मामले में तख्तियां दिखाने के विशेषाधिकार हनन पर रिपोर्ट पेश होगी।
सत्र का समग्र एजेंडा
सत्र में कुल 10 से ज्यादा विधेयक लंबित हैं, जिनमें शामिल हैं:
परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025: सिविल न्यूक्लियर सेक्टर में निजी निवेश खोलने और नियमन मजबूत करने के लिए।
उच्च शिक्षा आयोग ऑफ इंडिया विधेयक, 2025: UGC की जगह नया आयोग, विश्वविद्यालयों को स्वायत्त बनाने के लिए।
कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025: कंपनियों एक्ट और LLP एक्ट में बदलाव, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025: भूमि अधिग्रहण को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए।
सिक्योरिटीज मार्केट कोड विधेयक, 2025: SEBI, डिपॉजिटरी और सिक्योरिटी कॉन्ट्रैक्ट एक्ट को एकीकृत करने के लिए।
अन्य: जन विश्वास (संशोधन), दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन), बीमा कानून (संशोधन), मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक।
वित्तीय मोर्चे पर पहली अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी। 5 और 19 दिसंबर को प्राइवेट मेंबर्स बिल, 12 दिसंबर को रेजोल्यूशन पर विचार होगा।
विपक्ष की रणनीति
कांग्रेस, सपा, TMC और डीएमके SIR प्रक्रिया, दिल्ली विस्फोट और वायु प्रदूषण पर बहस की मांग कर रहे हैं। सपा के राम गोपाल यादव ने कहा, “SIR पर चर्चा न हुई तो सदन नहीं चलने देंगे।” सरकार ने कहा, “सभी मुद्दों पर सुनने को तैयार हैं।”
यह सत्र बिहार चुनाव जीत के बाद सुधारों पर फोकस करेगा, लेकिन विपक्षी हंगामे से बाधा आ सकती है। कल का दिन तय करेगा कि सत्र सुचारू चलेगा या नहीं। अपडेट्स के लिए बने रहें!
