UP में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अब ‘पोस्टपेड’ की तरह काम करेंगे स्मार्ट मीटर, बकाया बिलों के लिए मिलेंगी आसान किस्तें
UP में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अब ‘पोस्टपेड’ की तरह काम करेंगे स्मार्ट मीटर, बकाया बिलों के लिए मिलेंगी आसान किस्तें
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, अब प्रदेश में लगे सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटर पूरी तरह से पोस्टपेड व्यवस्था के तहत संचालित होंगे। इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिलिंग की अनिश्चितता से बचाना और शिकायतों का त्वरित समाधान करना है।
महीने के अंत में आएगा बिल, भुगतान के लिए मिलेगा समय
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शक्ति भवन में आयोजित बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अब उपभोक्ताओं को महीने भर की बिजली खपत का बिल अगले महीने की शुरुआत में मिलेगा।
बिलिंग प्रक्रिया: हर महीने की 1 तारीख से अंतिम तारीख तक की खपत का आकलन होगा।
समय सीमा: उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिल मिल जाएगा।
भुगतान अवधि: बिल मिलने के बाद भुगतान के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
सूचना का माध्यम: बिल की जानकारी एसएमएस (SMS) और व्हाट्सऐप के जरिए सीधे उपभोक्ता के मोबाइल पर भेजी जाएगी।
पुराने बकायेदारों के लिए ‘किस्त योजना’ की शुरुआत
राज्य सरकार ने उन उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत दी है जिन पर पुराना बिल बकाया है।
10 आसान किस्तें: 30 अप्रैल तक के सभी बकाया बिलों को अब उपभोक्ता 10 किस्तों में जमा कर सकेंगे।
सिक्योरिटी राशि में राहत: जिन परिसरों में प्रीपेड मीटर लगने पर सिक्योरिटी अमाउंट वापस कर दिया गया था, उनसे अब यह राशि एकमुश्त नहीं ली जाएगी। इसे 4 किस्तों में वापस लिया जाएगा।
शिकायत निवारण के लिए ‘मेगा कैंप’ का आयोजन
स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए ऊर्जा विभाग विशेष अभियान चलाएगा:
कैंप की अवधि: मई और जून के महीने में मंडल और उपमंडल स्तर पर बड़े शिविर लगाए जाएंगे।
हेल्पलाइन: उपभोक्ता किसी भी समस्या के लिए टोल-फ्री नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
डिजिटल सुविधा: यदि बिल प्राप्त नहीं होता है, तो व्हाट्सऐप चैटबॉट के माध्यम से अपना कनेक्शन नंबर साझा कर बिल की जानकारी ली जा सकती है।
निर्बाध बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी को देखते हुए रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खराब ट्रांसफॉर्मरों को बिना देरी किए बदला जाए ताकि जनता को किसी भी तरह की कटौती का सामना न करना पड़े।
मुख्य प्रभाव: इस फैसले से उन लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी जो प्रीपेड मीटर में अचानक बैलेंस खत्म होने और बिजली कटने की समस्या से परेशान थे। अब पूरी व्यवस्था पहले की तरह पारदर्शी और सुविधाजनक होगी।
