इथियोपिया के हायली गूबी ज्वालामुखी का धमाका: दिल्ली-जयपुर-जैसलमेर पर छाई राख, 11 फ्लाइट्स कैंसल
इथियोपिया के हायली गूबी ज्वालामुखी का धमाका: दिल्ली-जयपुर-जैसलमेर पर छाई राख, 11 फ्लाइट्स कैंसल
अफ्रीका के उत्तरी हिस्से में स्थित हायली गूबी ज्वालामुखी, जो लगभग 10,000 वर्षों से सुप्त पड़ा था, रविवार को अचानक फट पड़ा। इस विस्फोट ने न केवल इथियोपिया को हिला दिया, बल्कि इसकी राख का बादल हिंद महासागर पार कर भारत के आकाश में घुस आया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह राख का गुबार पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर-जैसलमेर इलाके से प्रवेश कर दिल्ली, जयपुर और आसपास के क्षेत्रों तक फैल गया है, जिससे विमानन सेवाओं पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) और इंडिया मेटस्काई वेदर अलर्ट के अनुसार, राख का यह बादल 23 नवंबर को सुबह 8:30 बजे यूटीसी के आसपास शुरू हुआ विस्फोट के बाद 14-15 किलोमीटर ऊंचाई तक उछला। यह लाल सागर पार यमन और ओमान होते हुए सोमवार शाम को गुजरात के जामनगर के पास भारत पहुंचा। रविवार रात 11 बजे तक यह दिल्ली के ऊपर से गुजर चुका था और राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश के हिस्सों को प्रभावित कर रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह बादल 120-130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पूर्वोत्तर दिशा में बढ़ रहा है और मंगलवार तक दिल्ली-जयपुर एयरस्पेस पर इसका असर गहरा सकता है। शाम 7:30 बजे तक भारत से बाहर निकलने की उम्मीद है, लेकिन तब तक यह चीन की ओर बढ़ेगा।
इस राख के कारण विमानन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने सभी एयरलाइंस को सख्त सलाह जारी की है कि राख प्रभावित क्षेत्रों से बचें, फ्लाइट रूट्स बदलें और ईंधन प्लानिंग में सतर्कता बरतें। एयरपोर्ट्स को रनवे की जांच करने और जरूरत पड़ने पर उड़ानें रोकने का निर्देश दिया गया है। एयर इंडिया ने 25 नवंबर के लिए चार फ्लाइट्स कैंसल कीं: एआई 2822 (चेन्नई-मुंबई), एआई 2466 (हैदराबाद-दिल्ली), एआई 2444/2445 (मुंबई-हैदराबाद-मुंबई) और एआई 2471/2472 (मुंबई-कोलकाता-मुंबई)। अकासा एयर ने जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी के लिए सभी फ्लाइट्स 24-25 नवंबर के लिए रद्द कर दीं। कुल 11 उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिनमें इंडिगो की कोच्चि-दुबई (6ई1475) और अकासा की कोच्चि-जेद्दा (क्यूपी550) शामिल हैं। इसके अलावा, 28 फ्लाइट्स को रूट डायवर्ट करना पड़ा, जैसे इंडिगो की अबू धाबी उड़ान जो अहमदाबाद उतरी। डच एयरलाइन केएलएम ने एम्स्टर्डम-दिल्ली फ्लाइट कैंसल कर दी।
राख में सल्फर डाइऑक्साइड, कांच के कण और चट्टानों के टुकड़े हैं, जो इंजन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। डीजीसीए ने पायलटों को किसी भी धुएं या इंजन असफलता की तत्काल रिपोर्टिंग का आदेश दिया है। दिल्ली-एनसीआर, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, अलवर, गुड़गांव, नोएडा, मेरठ और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में आकाश धुंधला हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मास्क पहनने और बाहर कम निकलने की सलाह दी है, क्योंकि यह सांस की समस्याएं पैदा कर सकता है।
सिविल एविएशन मंत्रालय और डीजीसीए राख के मूवमेंट पर नजर रखे हुए हैं। यदि मंगलवार तक यह दिल्ली-जयपुर पर जम जाए, तो विमानन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी। यात्रियों को एयरलाइंस की वेबसाइट्स चेक करने और वैकल्पिक प्लान बनाने की सलाह दी जा रही है। यह घटना जलवायु परिवर्तन और ज्वालामुखी गतिविधियों के बढ़ते खतरे की याद दिलाती है, जो वैश्विक हवाई यात्रा को चुनौती दे रही हैं। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है।
