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दिल्ली में प्रदूषण का आपातकाल: CAQM के निर्देश पर सरकारी-निजी कार्यालयों में 50% WFH अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से GRAP नियम सख्त

दिल्ली में प्रदूषण का आपातकाल: CAQM के निर्देश पर सरकारी-निजी कार्यालयों में 50% WFH अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से GRAP नियम सख्त

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के बढ़ते प्रदूषण के संकट ने एक बार फिर आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गंभीर स्तर (401-450) पर पहुंचे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज III के तहत कड़े कदम उठाए हैं। सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को अब केवल 50% कर्मचारियों को कार्यालय में बुलाने की अनुमति है, बाकी 50% को वर्क फ्रॉम होम (WFH) पर रहना अनिवार्य होगा। यह आदेश पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत जारी किया गया है, जो प्रदूषण को कम करने के लिए तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

सुप्रीम कोर्ट की हालिया सुनवाई (17 और 19 नवंबर) के बाद CAQM ने 21 नवंबर को GRAP शेड्यूल में संशोधन किया, जिसमें स्टेज IV के कुछ सख्त उपायों को स्टेज III में शामिल कर लिया गया। सोमवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 370 के आसपास रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है, जबकि कई स्थानों पर यह 400 से ऊपर पहुंच गया। PM2.5 और PM10 के स्तर खतरनाक सीमा (500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक) को पार कर चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाना, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और पड़ोसी राज्यों से आने वाली हवा इसके प्रमुख कारण हैं।

दिल्ली सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सरकारी विभागों और दिल्ली नगर निगम (MCD) के कर्मचारियों के लिए पहले से ही स्टैगर्ड टाइमिंग लागू हैं, जो फरवरी 2025 तक जारी रहेंगी। निजी कार्यालयों को भी इसी तरह 50% स्टाफ को ऑफिस बुलाने और बाकी को WFH पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया है। CAQM के प्रवक्ता ने बताया, “यह कदम प्रदूषण के स्तर को और गिरने से रोकने के लिए लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी हितधारकों से परामर्श के बाद सक्रिय कदम उठाने की सलाह दी है।” केंद्र सरकार भी दिल्ली-एनसीआर में अपने कर्मचारियों के लिए WFH पर विचार कर रही है।

GRAP स्टेज III के अन्य उपायों में निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध (कुछ अपवादों को छोड़कर), BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर पाबंदी, हाईवे पर 10 वर्ष से पुराने डीजल वाहनों का प्रवेश बंद, और डीजल जनरेटर के उपयोग पर रोक शामिल हैं। स्कूलों में प्राइमरी कक्षाओं के लिए हाइब्रिड लर्निंग पहले से लागू है, और अब कॉलेजों में भी ऑनलाइन क्लासेस बढ़ाई जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार ‘बहुत खराब’ AQI से सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन और हृदय रोगियों को खतरा बढ़ रहा है। डॉक्टरों ने मास्क पहनने, आउटडोर एक्टिविटी टालने और घरों में एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “प्रदूषण से निपटने के लिए हम हर संभव कदम उठा रहे हैं। WFH से न केवल ट्रैफिक कम होगा, बल्कि उत्सर्जन में भी कमी आएगी।” पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी समन्वय की अपील की गई है। CAQM ने अनुमान जताया है कि अगर हवा की दिशा बदल गई तो AQI स्टेज IV (450+) में पहुंच सकता है, जिसके तहत और सख्त लॉकडाउन जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।

X (पूर्व ट्विटर) पर #DelhiPollution और #GRAPStage3 ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स ने इसे “सांस लेना भी जुर्म” बताया, जबकि कुछ ने “केंद्र-राज्य समन्वय की कमी” पर सवाल उठाए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में कोहरा और ठंड बढ़ने से स्थिति और बिगड़ सकती है। CAQM ने सभी एजेंसियों को तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिक जानकारी के लिए caqm.nic.in पर जाएं।

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