उत्तराखंड: स्वास्थ्य विभाग ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का 10 करोड़ बकाया बिल चुकाया, राज्य में 287 डॉक्टरों की होगी भर्ती
उत्तराखंड: स्वास्थ्य विभाग ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का 10 करोड़ बकाया बिल चुकाया, राज्य में 287 डॉक्टरों की होगी भर्ती
उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने हरिद्वार राजकीय मेडिकल कॉलेज का लंबे समय से लंबित 10 करोड़ रुपये का बकाया बिल चुकाने का भुगतान कर दिया है। इस भुगतान से कॉलेज के संचालन में सुगमता आएगी और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही, विभाग ने राज्यभर में 287 चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है, जो डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मील का पत्थर साबित होगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार मेडिकल कॉलेज, जो 2024 में स्थापित हुआ है, के लिए यह भुगतान लंबित था, जिससे कॉलेज के विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। “यह भुगतान कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टाफिंग को मजबूत करेगा। हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण जिले में तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित होगा,” रावत ने कहा। कॉलेज, जो हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी से संबद्ध है, में वर्तमान में 100 एमबीबीएस सीटें हैं और यह एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) से मान्यता प्राप्त है।
दूसरी ओर, 287 डॉक्टरों की भर्ती राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने का प्रयास है। इसमें 231 पद सीधी भर्ती के और 56 बैकलॉग पद शामिल हैं। चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (यूकेएमएसएसबी) को प्रस्ताव भेजा गया है और प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो जाएगी। मंत्री ने कहा, “पिछले हफ्ते ही 287 चिकित्सकों और 180 एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुल 1,300 स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति से राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में मानव संसाधन की कमी दूर होगी।” यह कदम 2017 के एमबीबीएस बॉन्ड पॉलिसी के तहत भी जुड़ा है, जिसमें डॉक्टरों को पांच वर्ष की अनिवार्य सेवा करनी होती है, अन्यथा 1 करोड़ का जुर्माना लगता है।
यह पहल राज्य सरकार की ‘आयुष्मान उत्तराखंड’ योजना का हिस्सा है, जिसके तहत पिछले चार वर्षों में 26,000 युवाओं को रोजगार दिया गया है, जिनमें से 21,000 स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों से ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी।अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट health.uk.gov.in पर जाएं।
