फूलों में सज गई है श्रीराम की नगरिया… राम मंदिर में ध्वजारोहण महोत्सव के लिए भव्य तैयारी!
फूलों में सज गई है श्रीराम की नगरिया… राम मंदिर में ध्वजारोहण महोत्सव के लिए भव्य तैयारी!
अयोध्या की रामनगरी इस समय त्रेता युग की भव्यता से जगमगा रही है। 25 नवंबर 2025 को राम जन्मभूमि मंदिर के 191 फीट ऊँचे मुख्य शिखर पर पहली बार केसरिया ध्वज फहराने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण महोत्सव के लिए पूरी अयोध्या फूलों, रोशनी और पारंपरिक सजावट से सजी हुई है। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर होने वाला यह समारोह मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं ध्वज फहराएंगे, और RSS सरसंघचालक मोहन भागवत समेत देश की प्रमुख हस्तियाँ शिरकत करेंगी। आइए जानते हैं तैयारियों का पूरा ब्यौरा।
फूलों की भव्य सजावट: 11 कुंतल सुगंधित पुष्पों से सजा मंदिर
मुख्य मंदिर: राम मंदिर को नख से शिख तक 11 कुंतल (लगभग 1,100 किलो) गुलाब, चमेली, चंदन और अन्य सुगंधित फूलों से सजाया जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु से ट्रकों में फूल मंगवाए गए हैं, जो मंदिर को दुल्हन की तरह सजा रहे हैं।
परकोटा और अन्य क्षेत्र: परकोटा, छह छोटे मंदिर, शेषावतार, सप्त मंडपम और कुबेर टीला को अतिरिक्त 7.5 कुंतल फूल-मालाओं से सुसज्जित किया गया है। आदि शंकराचार्य प्रवेश द्वार को भी फूलों से भव्य रूप दिया गया है, जहाँ से पीएम मोदी प्रवेश करेंगे।
पूरी रामनगरी: सड़कें, मार्ग और घरों को फूलों की मालाओं से सजाया गया है। सतरंगी रोशनी और पारंपरिक झाँकियाँ लगाई गई हैं, जिससे अयोध्या त्रेता युग की पावन नगरी जैसी लग रही है।
ध्वजारोहण का महत्व और विशेषताएँ
ध्वज का विवरण: 22 फीट ऊँचा केसरिया ध्वज रेशम के धागों से तैयार किया गया है, जिसमें सूर्य, कोविदार वृक्ष और ओम के प्रतीक अंकित हैं। यह हर वर्ष चैत्र और शारदीय नवरात्र पर बदला जाएगा।
समय और अवधि: 25 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे ध्वजारोहण होगा। पूरा कार्यक्रम लगभग 4 घंटे चलेगा, उसके बाद पीएम श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। दोपहर 2 बजे वे अयोध्या से रवाना होंगे।
मुख्य आकर्षण: शिखर पर लेजर मैपिंग से सीता स्वयंवर का दृश्य प्रदर्शित होगा, जो विवाह पंचमी से जुड़ा होने से महा मंगल उत्सव बना देगा।
वैदिक अनुष्ठान और धार्मिक तैयारियाँ
5-दिवसीय महोत्सव: 21 नवंबर से शुरू हुए वैदिक अनुष्ठान में अयोध्या, काशी और दक्षिण भारत के 108 आचार्य शामिल हैं। 20 नवंबर को कलश यात्रा से महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
तीसरे दिन (23 नवंबर) का विशेष: रविवार को अनुष्ठान जारी रहे, जिसमें मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना हुई। तीसरे दिन राम-सीता विवाह से जुड़े रीति-रिवाज निभाए गए।
श्रद्धालुओं के लिए: 7,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था। लेकिन 25 नवंबर को दर्शन बंद रहेंगे, केवल आमंत्रित मेहमान ही शामिल होंगे।
सुरक्षा और अन्य इंतजाम
सुरक्षा कवच: बहु-स्तरीय सुरक्षा, जिसमें UP पुलिस, CRPF, SSF और कमांडो शामिल। 10,000+ CCTV, एंटी-ड्रोन सिस्टम, ड्रोन निगरानी और इमरजेंसी टीम तैनात। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए मिट्टी पटाई और रैंप बनाए गए।
पीएम का आगमन: अयोध्या एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद साकेत कॉलेज से रोड शो, फिर राम मंदिर पहुँचेंगे। मंदिर परिसर में दो मंच: एक ध्वजारोहण के लिए, दूसरा संबोधन के लिए।
पर्यावरण और सफाई: पूरा क्षेत्र साफ-सुथरा रखा गया है, पार्किंग और यातायात के पुख्ता इंतजाम।
यह ध्वजारोहण राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद एक और ऐतिहासिक क्षण होगा, जो भक्तों में उत्साह की लहर पैदा कर रहा है। रामनगरी की यह सजावट न सिर्फ आँखों को सुकून दे रही है, बल्कि भक्ति का संचार भी कर रही है।
