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राइजिंग स्टार्स एशिया कप: सुपर ओवर में वैभव को न भेजने पर जितेश की सफाई, खुद को ठहराया हार का जिम्मेदार

राइजिंग स्टार्स एशिया कप: सुपर ओवर में वैभव को न भेजने पर जितेश की सफाई, खुद को ठहराया हार का जिम्मेदार

एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 के पहले सेमीफाइनल में भारत ए को बांग्लादेश ए के खिलाफ सुपर ओवर में मिली हार ने क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया। 194-194 से टाई होने के बाद सुपर ओवर में भारत के कप्तान जितेश शर्मा ने वैभव सूर्यवंशी को न भेजने का फैसला लिया, जो टूर्नामेंट के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज (201 रन) थे। इस फैसले पर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हुई, लेकिन जितेश ने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में खुलकर सफाई दी। उन्होंने हार की पूरी जिम्मेदारी खुद पर ले ली और कहा कि यह एक “हाई-परसेंटेज कॉल” था।

जितेश ने कहा, “मैं इस हार की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। सीनियर खिलाड़ी के नाते मुझे चेज को खत्म करना चाहिए था। वैभव और प्रियांश पावरप्ले के मास्टर हैं, लेकिन डेथ ओवर्स में मैं, रामदीप और अशुतोष ही डेजिग्नेटेड हिटर हैं। सुपर ओवर में पुरानी गेंद और यॉर्कर के खिलाफ उनका अनुभव कम है, इसलिए हमने हाई-परसेंटेज कॉल लिया।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “टीम में ढेर सारी प्रतिभा है, यह मैच सीखने का मौका है। ये खिलाड़ी एक दिन वर्ल्ड कप जीत सकते हैं।” लेकिन सुपर ओवर में जितेश गोल्डन डक पर आउट हो गए, जबकि अशुतोष शर्मा भी पहली ही गेंद पर LBW हो गए। भारत 0/2 पर सिमट गया, और बांग्लादेश को सिर्फ 1 रन का टारगेट था, जिसे एक वाइड पर हासिल कर लिया।

मैच के दौरान भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी की। बांग्लादेश ने जिशान आलम (ओपनिंग) और हबीबुर रहमान सोहन (65 रन, 4 छक्के) की पारियों से 194/6 बनाए। भारत की ओर से गुरजपनीत सिंह ने 2 विकेट लिए। चेज में वैभव ने 15 गेंदों पर 38 रन (2 चौके, 4 छक्के) ठोके, प्रियांश आर्या ने 44 (23 गेंद) और नेहल वाधवरा 32* (29 गेंद) बनाए। आखिरी गेंद पर 4 रन चाहिए थे, लेकिन बांग्लादेश कप्तान अकबर अली की गलती से हर्ष दुबे और वाधवरा ने 3 रन चुराए, टाई कर सुपर ओवर में धकेल दिया।

सोशल मीडिया पर फैंस ने जितेश की कप्तानी पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “32 साल के ‘इमर्जिंग’ जितेश ने खुद को सुपर ओवर में प्रमोट किया, 14 साल के वैभव को एक गेंद भी न खेलने दी। गोल्डन डक के साथ हिस्टोरिक 0 पर ऑलआउट!” एक अन्य ने कहा, “वैभव चोटिल थे क्या? अगर नहीं, तो यह कप्तानी और गेम अवेयरनेस की कमी है।” जितेश ने इन आलोचनाओं का जवाब देते हुए बांग्लादेश की तारीफ की, “उनका लेफ्ट-हैंडर (सोहन) ने शानदार पारी खेली। उनका भविष्य उज्ज्वल है।” रीपन मंडोल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जिन्होंने सुपर ओवर में यॉर्कर से जितेश को आउट किया।

यह हार युवा भारतीय टीम के लिए सबक है, खासकर दबाव में फैसले लेने का। ग्रुप स्टेज में वैभव की आक्रामकता ने भारत को सेमीफाइनल पहुंचाया, लेकिन सुपर ओवर ने सबको चौंका दिया। बांग्लादेश अब फाइनल में पाकिस्तान ए या श्रीलंका ए से भिड़ेगा। जितेश की सफाई से विवाद थमा है या नहीं, यह तो समय बताएगा, लेकिन टीम का फोकस अब सीख पर है।

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