‘गैस चेंबर’ में तब्दील दिल्ली-एनसीआर: GRAP-3 के तहत BS-III पेट्रोल व BS-IV डीजल वाहनों पर पूर्ण बैन
‘गैस चेंबर’ में तब्दील दिल्ली-एनसीआर: GRAP-3 के तहत BS-III पेट्रोल व BS-IV डीजल वाहनों पर पूर्ण बैन
नई दिल्ली, 21 नवंबर 2025: दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर जहरीली हवा के जाल में फंस गया है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी (401-450) में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (CAQM) ने 11 नवंबर को GRAP के तीसरे चरण (Stage-III) को सक्रिय करते हुए सख्त कदम उठाए हैं। अब BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों (LMVs) की दिल्ली और आसपास के NCR जिलों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर) में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित हो गई है। यह फैसला शहर को ‘गैस चेंबर’ बनने से बचाने की कोशिश है, जहां सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
दिल्ली का AQI 11 नवंबर को सुबह 9 बजे 425 तक पहुंचा, जो शांत हवाओं और प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण तेजी से बिगड़ा। CAQM ने तत्काल प्रभाव से लागू GRAP-III के तहत नौ प्रमुख उपायों को अमल में लाया, जिसमें निर्माण-ध्वंस कार्यों पर पूर्ण रोक, स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों का बंद होना तथा गैर-अनुमोदित ईंधन पर चलने वाली इकाइयों का निलंबन शामिल है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “यह आपातकालीन कदम प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हैं, जनता से अपील है कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।”
बैन वाले वाहन: ये नहीं चलेगी सड़कों पर
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल LMVs (चार पहिया): दिल्ली और NCR में पूर्ण प्रतिबंध; विकलांग व्यक्तियों को छूट। (2010 से पहले के पेट्रोल या 2020 मार्च से पहले के डीजल वाहन प्रभावित।)
इंटर-स्टेट डीजल बसें: CNG, इलेक्ट्रिक या BS-VI डीजल को छोड़कर सभी पर रोक; AITP (ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट) बसें और टेम्पो ट्रैवलर अनुमत।
मीडियम गुड्स व्हीकल्स (MGVs): BS-IV डीजल वाले दिल्ली में प्रतिबंधित; आवश्यक वस्तुओं या सेवाओं के लिए ही अनुमति।
लाइट गुड्स कैरियर्स (LCVs): दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-IV डीजल वाले प्रवेश पर रोक, सिवाय आवश्यक वस्तुओं के।
अनुमत वाहन: ये चल सकेंगी बिना रुकावट
CNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI डीजल वाहन।
आवश्यक सेवाओं वाले वाहन (मेट्रो, रेल, एयरपोर्ट, हाईवे, स्वास्थ्य, सफाई आदि)।
दिल्ली रजिस्टर्ड BS-IV डीजल MGVs आवश्यक वस्तुओं के लिए।
सभी वाहनों के लिए वैध PUC सर्टिफिकेट अनिवार्य; उल्लंघन पर 10,000 रुपये जुर्माना। GRAP-III उल्लंघन पर कुल जुर्माना 20,000 रुपये तक।
स्कूलों में कक्षा-5 तक हाइब्रिड मोड लागू, सड़कों पर मैकेनाइज्ड स्वीपिंग बढ़ाई गई। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाना, वाहन उत्सर्जन और उद्योग मुख्य कारण हैं। यदि AQI 450 से ऊपर गया, तो GRAP-IV में और सख्ती (BS-IV कमर्शियल वाहनों पर भी रोक) होगी। दिल्ली पुलिस ने बॉर्डर पर चेकिंग सख्त कर दी है, जहां उल्लंघनकर्ताओं को तत्काल चालान काटा जा रहा। जनता से अपील है: मास्क पहनें, बाहर कम निकलें और कार पूलिंग अपनाएं। क्या यह कदम प्रदूषण पर लगाम लगाएंगे? निगरानी जारी है।
