अन्तर्राष्ट्रीय

यूके ने रूस पर लगाया लेजर हमले का आरोप: जासूसी जहाज ‘यंतर’ ने RAF पायलटों को निशाना बनाया, जानें पूरा मामला

यूके ने रूस पर लगाया लेजर हमले का आरोप: जासूसी जहाज ‘यंतर’ ने RAF पायलटों को निशाना बनाया, जानें पूरा मामला

ब्रिटेन ने रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक रूसी जासूसी जहाज ने ब्रिटिश वायुसेना के पायलटों पर लेजर हमला किया। रक्षा सचिव जॉन हीली ने इसे “गहरा खतरनाक” बताते हुए चेतावनी दी कि अगर जहाज दक्षिण की ओर बढ़ा, तो ब्रिटेन सैन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने को तैयार है। यह घटना यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोपीय सुरक्षा को नई चुनौती दे रही है, जहां रूस की “शैडो फ्लीट” को अंडरवॉटर हाइब्रिड वारफेयर का दोषी ठहराया जा रहा है।

रूसी नौसेना का जहाज ‘यंतर’ (Yantar), जो 2015 में कमीशन किया गया, स्कॉटलैंड के उत्तरी तट के पास ब्रिटिश आर्थिक क्षेत्र में घुस आया। यह जहाज रूस की डीप-सी रिसर्च यूनिट (GUGI) के तहत काम करता है, जो शांतिकाल में जासूसी और युद्ध में तोड़फोड़ के लिए जाना जाता है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रॉयल एयर फोर्स (RAF) के Poseidon P-8 विमानों ने जहाज की निगरानी की, जब लेजर की किरणें पायलटों की आंखों पर फोकस की गईं। हीली ने डाउनिंग स्ट्रीट में कहा, “हम आपको देख रहे हैं। हम जानते हैं कि आप क्या कर रहे हैं। अगर यंतर इस सप्ताह दक्षिण की ओर बढ़ा, तो हम तैयार हैं।” यह इस साल दूसरी बार है जब यंतर ब्रिटिश जल सीमा में घुसा, और पहली बार लेजर का इस्तेमाल हुआ।

रूसी दूतावास ने इन आरोपों को “हास्यास्पद” बताते हुए खारिज कर दिया। एक बयान में कहा गया, “रूस की कार्रवाइयां ब्रिटेन के हितों को प्रभावित नहीं करतीं और न ही इसकी सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने का इरादा है।” दूतावास ने ब्रिटेन को “रसोफोबिक” और “मिलिटरिस्टिक हिस्टेरिया” फैलाने वाला बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यंतर ब्रिटेन के अंडरवॉटर केबल्स—जो डेटा, वॉयस और बिजली ट्रांसमिशन के लिए महत्वपूर्ण हैं—की मैपिंग कर रहा है। अटलांटिक काउंसिल की एलिजाबेथ ब्रॉ ने इसे “निश्चित रूप से एस्केलेशन” कहा।

यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में बढ़ते तनाव का हिस्सा है। 2022 से रूसी जहाजों और पनडुब्बियों की घुसपैठें बढ़ी हैं। हाल ही में पोलैंड ने रूस पर रेल ट्रैक विस्फोट का आरोप लगाया, जबकि NATO ने पोलैंड और रोमानिया पर रूसी हवाई हमलों के बाद फाइटर जेट्स तैनात किए। हीली ने कहा, “हमारा विश्व बदल रहा है—कम अनुमानित, अधिक खतरनाक।” ब्रिटेन ने नौसेना के नियमों में बदलाव किया है ताकि यंतर की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, लेजर हमले पायलटों की दृष्टि भंग कर सकते हैं, जो विमान को जोखिम में डालता है। ब्रिटेन यूक्रेन को समर्थन जारी रखने का संकल्प दोहरा रहा है। अमेरिकी थिंक टैंक के अनुसार, रूस का यह व्यवहार पश्चिम को “स्टनड एक्विएसेंस” में लाने का प्रयास है। क्या यह यूरोपीय संघर्ष को नई ऊंचाई देगा? विशेषज्ञ चिंतित हैं कि रूस की ऐसी कार्रवाइयां NATO की एकजुटता को परीक्षा दे रही हैं। हीली का संदेश स्पष्ट है: “हम पीछे नहीं हटेंगे।” यह घटना ब्रह्मांड की तरह अनंत संभावनाओं से भरी जियो-पॉलिटिक्स को उजागर करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *