निठारी कांड का काला सच: पंढेर ने खोला राज, बोले- कोली निर्दोष, असली हत्यारा कोई और!
निठारी कांड का काला सच: पंढेर ने खोला राज, बोले- कोली निर्दोष, असली हत्यारा कोई और!
2006 का वो खौफनाक निठारी कांड, जिसने पूरे देश को सिहरा दिया था, आज फिर सुर्खियों में है। नोएडा के सेक्टर-31 की D-5 कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर ने आजतक को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कांड का ‘काला सच’ उजागर किया। सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद पहली बार बोलते हुए उन्होंने अपने नौकर सुरेंद्र कोली को ‘बहुत अच्छा आदमी’ बताया और दावा किया कि असली दोषी कोई और था। पंढेर का यह बयान न सिर्फ जांच एजेंसियों पर सवाल खड़े करता है, बल्कि 19 साल पुराने इस केस को नई बहस की ओर ले जाता है।
पंढेर ने बताया, “सुरेंद्र कोली निर्दोष है। मैंने उसे 2004 में घर पर रखा था। वो खाना अच्छा बनाता था, कभी कोई शिकायत नहीं। CBI ने गलत तरीके से फंसाया। असली हत्यारे निठारी बस्ती के ही लोग थे, जो गरीब लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाते थे।” उन्होंने ‘पायल’ केस का जिक्र करते हुए कहा कि कोठी पर एस्कॉर्ट सर्विस चलती थी, लेकिन हत्याएं बाहर हुईं। “मीडिया और पुलिस के दबाव में कोली ने झूठा कबूलनामा किया। सबूतों का अभाव ही साबित करता है कि हम बेकसूर थे।” पंढेर ने CBI पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक दबाव में केस को सुलझाने की जल्दबाजी की, जबकि असली अपराधी आज भी आजाद घूम रहे हैं।
याद कीजिए, दिसंबर 2006 में निठारी के नाले से 19 बच्चों-महिलाओं के कंकाल मिले थे। ज्यादातर गरीब परिवारों के लापता बच्चे थे। कोली को ‘नरभक्षी’ तक कहा गया, क्योंकि कबूलनामे में उसने कथित तौर पर शवों को खाने और नरबलि की बात कही। पंढेर पर साजिश रचने का इल्जाम लगा। 2009 में दोनों को फांसी सुनाई गई, लेकिन 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 14 अपीलें खारिज कर कोली को रिहा किया।
यह इंटरव्यू केस के पीड़ित परिवारों के लिए झटका है। एक मां ने कहा, “हमारे बच्चे कहां गए? अगर दोषी बरी हो गए, तो न्याय कौन देगा?” विशेषज्ञों का मानना है कि पंढेर का बयान नई जांच की मांग करता है। CBI के पूर्व अधिकारी ने कहा, “कई लूज एंड्स थे, लेकिन अब कोर्ट का फैसला अंतिम है।” पंढेर ने अंत में कहा, “मैं 17 साल जेल काट चुका, अब चैन से जीना चाहता हूं।”
निठारी कांड आज भी मानवता की काली स्याही है। क्या पंढेर का ‘सच’ नई जांच कराएगा? या यह सिर्फ बरी हुए अपराधी का रोना है? समय ही बताएगा!
