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ChatGPT में आया WhatsApp जैसा ग्रुप चैट फीचर: अब AI के साथ ग्रुप में चैट करें, ये हैं फायदे

ChatGPT में आया WhatsApp जैसा ग्रुप चैट फीचर: अब AI के साथ ग्रुप में चैट करें, ये हैं फायदे

OpenAI ने ChatGPT के लिए एक धमाकेदार अपडेट लॉन्च किया है, जो WhatsApp के ग्रुप चैट फीचर से प्रेरित है। अब आप अपने दोस्तों या सहकर्मियों के साथ एक ही चैट में ChatGPT को शामिल कर सकते हैं, जहां AI रीयल-टाइम में बहस सुलझाएगा, प्लानिंग करेगा और आइडियाज देगा। यह फीचर ‘ग्रुप चैट्स’ नाम से आया है, जो फिलहाल जापान, न्यूजीलैंड, साउथ कोरिया और ताइवान में पायलट मोड में उपलब्ध है। OpenAI यूजर फीडबैक के बाद इसे ग्लोबली रोलआउट करेगा, जिसमें भारत भी शामिल होगा।

यह अपडेट ChatGPT को ‘सब कुछ ऐप’ बनाने की OpenAI की कोशिश का हिस्सा है, जो Sora वीडियो जेनरेशन टूल के बाद आया है। ग्रुप चैट्स में ChatGPT GPT-5.1 Auto मॉडल से पावर्ड है, जो प्रॉम्प्ट और सब्सक्रिप्शन प्लान (फ्री, गो, प्लस या प्रो) के आधार पर बेस्ट AI मॉडल चुनता है।

ग्रुप चैट फीचर कैसे काम करता है?

ग्रुप बनाना: किसी मौजूदा चैट में टॉप-राइट कॉर्नर के ‘पीपल आइकन’ पर टैप करें। ChatGPT ऑटोमैटिकली एक नई ग्रुप कॉपी बना देगा, ताकि पुरानी चैट सुरक्षित रहे।

इनवाइट भेजना: WhatsApp की तरह, एक शेयरेबल लिंक जेनरेट करें और मैक्सिमम 20 लोगों को जोड़ें। नए मेंबर्स अपना नाम, यूजरनेम और फोटो से प्रोफाइल सेट करेंगे, ताकि सबको पता चले कि कौन बात कर रहा है।

ChatGPT का रोल: AI को सोशल बिहेवियर सिखाया गया है – ये कन्वर्सेशन के कंटेक्स्ट में जवाब देगा या चुप रहेगा। ‘@ChatGPT’ मेंशन करके स्पेसिफिक रिस्पॉन्स लें। साथ ही, इमोजी रिएक्शन, सर्च, फाइल/इमेज अपलोड, इमेज जेनरेशन और डिक्टेशन जैसे फीचर्स काम करेंगे।

एक्सेस: सभी ग्रुप चैट्स एक अलग साइडबार सेक्शन में दिखेंगे। मोबाइल और वेब पर लॉग्ड-इन यूजर्स के लिए उपलब्ध।

क्या फायदा मिलेगा यूजर्स को?

यह फीचर ChatGPT को सोलो टूल से ग्रुप कोलैबोरेशन हब में बदल देगा। मुख्य फायदे:

ट्रिप प्लानिंग और डिसीजन मेकिंग: दोस्तों के साथ छुट्टियों का प्लान बनाएं – ChatGPT डेस्टिनेशन सजेस्ट करेगा जो सबको पसंद आए। बहस में AI निष्पक्ष रेफरी बनेगा।

प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेशन: टीम में आइडियाज ब्रेनस्टॉर्म करें, रिसर्च शेयर करें या क्रिएटिव कंटेंट जेनरेट करें। प्रोफेशनल्स के लिए मीटिंग्स आसान हो जाएंगी।

प्राइवेसी और यूटिलिटी: WhatsApp के Meta AI से अलग, यहां डेटा मोनेटाइजेशन नहीं – सिर्फ यूटिलिटी पर फोकस। ग्रुप में AI की मदद से मिसइनफॉर्मेशन चेक करें।

एक्सेसिबिलिटी: फ्री प्लान से प्रो तक सबके लिए, और WhatsApp जैसे फेमिलियर फॉर्मेट से नए यूजर्स आसानी से अपनाएंगे।

OpenAI के मुताबिक, यह फीचर ChatGPT को 50 मिलियन से ज्यादा यूजर्स के लिए और इंगेजिंग बनाएगा। हालांकि, ग्लोबल रोलआउट का इंतजार है – भारत में कब आएगा, ये फीडबैक पर डिपेंड करेगा। अगर आप इन रीजन में हैं, तो अभी ट्राई करें!

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