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मेक्सिको: Gen Z ने फूंका बगावत का बिगुल, नेशनल पैलेस की बाड़ तोड़ी – युवाओं का गुस्सा सड़कों पर उफान

मेक्सिको: Gen Z ने फूंका बगावत का बिगुल, नेशनल पैलेस की बाड़ तोड़ी – युवाओं का गुस्सा सड़कों पर उफान

मेक्सिको की सड़कों पर एक नई क्रांति की चिंगारी सुलग रही है। ‘जनरेशन Z’ के नाम से मशहूर युवा आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम के निवास और कार्यालय वाले नेशनल पैलेस के इर्द-गिर्द लगी मजबूत धातु की बाड़ को तोड़ डाला। यह घटना शनिवार (15 नवंबर) को जोकोलो स्क्वायर में हुई, जहां हजारों प्रदर्शनकारी हिंसा, भ्रष्टाचार और कार्टेल्स के खिलाफ उतर आए। पुलिस के साथ झड़पों में कम से कम 120 लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें 100 पुलिसकर्मी शामिल हैं।

प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण रही, लेकिन जल्द ही यह हिंसक हो गया। हुड पहने युवा प्रदर्शनकारियों ने बाड़ के हिस्सों को खींचकर गिरा दिया, जिसके बाद दंगा रोकने वाली पुलिस ने आंसू गैस, डंडों और अग्निशामकों का इस्तेमाल किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी पत्थर फेंक रहे थे, जबकि पुलिस ने ढालों से हमला बोला। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कैसे युवा ‘वन पीस’ के पाइरेट ध्वज लहराते हुए आगे बढ़ रहे थे – एक वैश्विक युवा विद्रोह का प्रतीक, जो इंडोनेशिया से नेपाल तक फैला हुआ है।

क्या है इस बगावत का कारण?

यह आंदोलन नवंबर की शुरुआत में उरुआपन के मेयर कार्लोस मैनजो की हत्या से भड़का। मैनजो, जो कार्टेल्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे, की बेरहमी से हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया। ‘जनरेशन Z मेक्सिको’ नामक समूह ने सोशल मीडिया पर एक ‘मैनिफेस्टो’ जारी किया, जिसमें कहा गया है कि युवा हिंसा, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग से तंग आ चुके हैं। यह आंदोलन गैर-राजनीतिक है और इसमें पेंशनभोगी से लेकर किशोर तक सभी शामिल हैं।

मेक्सिको में हर साल दवा कार्टेल्स की हिंसा से हजारों मौतें होती हैं, लेकिन सरकार की नीतियां नाकाफी साबित हो रही हैं। प्रदर्शनकारी चिल्ला रहे थे, “कार्लोस मैनजो की रक्षा कैसे नहीं कर सके?” राष्ट्रपति शीनबॉम ने हाल ही में पैलेस के चारों ओर नई बाड़ लगवाई थी, लेकिन युवाओं ने इसे ‘डर का प्रतीक’ बताते हुए तोड़ दिया। यह घटना मैडागास्कर में हाल के Gen Z विद्रोह की याद दिलाती है, जहां युवाओं ने राष्ट्रपति को सत्ता से हटा दिया था।

देशभर में फैला आंदोलन

मेक्सिको सिटी के अलावा, ग्वाडालाजारा, मिचोआकान और अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए। मिचोआकान के गवर्नर हाउस पर हमले में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। मेक्सिको सिटी की मेयर क्लारा ब्रुगाडा ने इसे ‘हिंसक अभिव्यक्ति’ करार दिया और कहा कि इससे दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन होता है। राष्ट्रपति शीनबॉम ने आरोप लगाया कि यह आंदोलन $5.3 मिलियन के डिजिटल अभियान से प्रेरित है, जिसमें बॉट्स और समन्वित पोस्ट्स का इस्तेमाल हुआ।

पुलिस ने 20 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा। एक फोटोजर्नलिस्ट विक्टर कामाचो ने पुलिस पर हमला करने का आरोप लगाया, जिसमें उनके चेहरे पर लातें मारी गईं।

क्या होगा आगे?

यह Gen Z का पहला बड़ा विद्रोह नहीं है, लेकिन मेक्सिको जैसे हिंसा प्रभावित देश में यह सरकार के लिए खतरे की घंटी है। युवा टिकटॉक और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर संगठित हो रहे हैं, और अगर पुलिस दमन बढ़ा, तो आंदोलन और भड़क सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शीनबॉम सरकार को कार्टेल्स के खिलाफ ठोस कदम उठाने होंगे, वरना यह ‘बगावत का बिगुल’ पूरे लैटिन अमेरिका में गूंज सकता है।

मेक्सिको के युवा अब सड़कों पर उतर चुके हैं – क्या यह बदलाव लाएगा, या और खूनखराबा? दुनिया की नजरें टिकी हैं।

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