UKD के वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट की बिगड़ी तबीयत: देहरादून के अस्पताल में भर्ती, पार्टी कार्यकर्ता चिंतित
UKD के वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट की बिगड़ी तबीयत: देहरादून के अस्पताल में भर्ती, पार्टी कार्यकर्ता चिंतित
उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट की अचानक बिगड़ती तबीयत ने राजनीतिक हलकों में चिंता की लहर दौड़ा दी है। सोमवार शाम को उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत होने पर देहरादून के महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया है, लेकिन निगरानी में रखा गया है। UKD के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीन सिंह बिष्ट ने बताया कि भट्ट लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, और आज की घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया।
65 वर्षीय दिवाकर भट्ट उत्तराखंड की राजनीति के दिग्गज माने जाते हैं। वे 2002 में कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और UKD के संस्थापक सदस्यों में शुमार हैं। पार्टी ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में उनकी सक्रिय भूमिका की सराहना की थी। हाल ही में वे UKD की आंतरिक बैठक में सक्रिय थे, जहां राज्य में क्षेत्रीय दलों की एकजुटता पर चर्चा हुई। भट्ट ने हमेशा पहाड़ी क्षेत्रों के विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार पर जोर दिया है।
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि भट्ट को हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी पुरानी समस्या है। आज दोपहर में वे घर पर आराम कर रहे थे, जब अचानक सीने में तेज दर्द शुरू हो गया। तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां कार्डियोलॉजिस्ट की टीम ने एंजियोग्राफी की सलाह दी है। फिलहाल, वे ICU में हैं, और अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। UKD कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर पहुंचकर उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ट्वीट कर कहा, “दिवाकर भट्ट जैसे सिद्धांतवादी नेता के स्वास्थ्य की कामना। UKD उत्तराखंड की राजनीति का अभिन्न अंग है।” वहीं, BJP प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शुभकामनाएं दीं। UKD ने पार्टी मुख्यालय में प्रार्थना सभा बुलाई है। डॉक्टरों के अनुसार, भट्ट की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूर्ण जांच के बाद ही डिस्चार्ज होगा।
यह घटना UKD के लिए झटका है, जो हाल के दिनों में संगठन विस्तार पर फोकस कर रही है। भट्ट की अनुपस्थिति में पार्टी की रणनीति प्रभावित हो सकती है। कार्यकर्ता लगातार अपडेट ले रहे हैं।
