बिहार चुनाव नतीजों के बाद रोहिणी आचार्य का परिवार पर बड़ा हमला
बिहार चुनाव नतीजों के बाद रोहिणी आचार्य का परिवार पर बड़ा हमला
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के एक दिन बाद ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और परिवार से सारे रिश्ते तोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हीं लोगों ने उन्हें परिवार से निकाला है। रोहिणी ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में भावुक होकर दावा किया कि संजय-रमीज का नाम लेने मात्र से चप्पल उठाकर मारा जाता है, बदनामी की जाती है और घर से बाहर कर दिया जाता है।
क्या कहा रोहिणी ने X पर?
रोहिणी ने शनिवार सुबह X (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा: “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और परिवार को त्याग रही हूं। यही संजय यादव और रमीज ने मुझसे कहा था, और सारी जिम्मेदारी मैं खुद ले रही हूं।” यह पोस्ट बिहार चुनाव में RJD की करारी हार के ठीक 24 घंटे बाद आई, जहां पार्टी को महागठबंधन के साथ मिलाकर महज 35 सीटें मिलीं। RJD अकेले 25 सीटों पर सिमट गई, जबकि NDA ने 208 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया।
एयरपोर्ट पर फूट-फूटकर रोईं रोहिणी
पटना एयरपोर्ट पहुंची रोहिणी ने पत्रकारों से कहा: “मेरा अब कोई परिवार नहीं है। जाइए तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज से पूछिए। इन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। इनका नाम लो तो चप्पल उठाकर मारा जाएगा, अपमानित किया जाएगा, गालियां दिलवाई जाएंगी। ये लोग हार की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते। पूरा देश पूछ रहा है कि पार्टी इस हाल में क्यों पहुंच गई।” उन्होंने तेजस्वी के सलाहकार संजय यादव को “चाणक्य” कहकर निशाना साधा और कहा कि ये लोग सोशल मीडिया पर एक टीम चला रहे हैं जो परिवार के सदस्यों समेत सबको बदनाम कर रही है।
परिवार में बढ़ी फूट: पुरानी दुश्मनी का नया चैप्टर
यह विवाद नया नहीं है। रोहिणी, जो एक डॉक्टर हैं और 2022 में लालू को किडनी दान कर चुकी हैं, पहले भी परिवार और पार्टी पर सवाल उठा चुकी हैं। सितंबर 2025 में उन्होंने X पर लालू, तेजस्वी, तेज प्रताप और मीसा भारती समेत सभी को अनफॉलो कर दिया था। तेज प्रताप यादव को RJD से निकाले जाने के बाद रोहिणी ने इसका विरोध किया था, जो चुनाव में रघोपुर सीट पर तेजस्वी के खिलाफ जनशक्ति जनता दल से लड़े। रोहिणी ने तेज प्रताप को समर्थन दिया था, लेकिन चुनाव से ठीक पहले तेजस्वी की जन्मदिन की बधाई दी थी।
संजय यादव, जो RJD के राज्यसभा सांसद हैं, तेजस्वी के सबसे करीबी सलाहकार माने जाते हैं। रमीज तेजस्वी के पुराने दोस्त हैं, जो उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। रोहिणी ने इन्हें “ओवररीच” (अधिक हस्तक्षेप) का दोषी ठहराया, खासकर तेजस्वी की “बिहार अधिकार यात्रा” के दौरान। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फूट लालू परिवार की आंतरिक कलह को और गहरा रही है, जहां तेज प्रताप पहले ही अलग हो चुके हैं।
RJD की हार: पृष्ठभूमि और प्रभाव
बिहार चुनाव में NDA (BJP-89, JD(U)-, LJP(RV)-) ने भारी बहुमत हासिल किया, जबकि महागठबंधन (RJD-25, कांग्रेस-6) बुरी तरह हार गया। RJD की सीटें 2020 के 75 से घटकर 25 रह गईं। हार के बाद रोहिणी का यह कदम पार्टी के लिए झटका है, क्योंकि वे युवा चेहरा थीं और 2024 लोकसभा चुनाव में सारण से लड़ी थीं (हालांकि हार गईं)। लालू या तेजस्वी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
X पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर्स रोहिणी को “लालू की जान बचाने वाली बेटी” कहकर समर्थन दे रहे हैं, तो कुछ तेजस्वी पर “परिवार तोड़ने” का आरोप लगा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा: “फर्जी चाणक्य ने पार्टी के साथ परिवार को भी तोड़ दिया।” वहीं, BJP समर्थक इसे RJD की आंतरिक कमजोरी बता रहे हैं।
यह घटना बिहार की राजनीति में नया ट्विस्ट ला सकती है, खासकर जब NDA सरकार बनाने की प्रक्रिया में है। रोहिणी का अगला कदम क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
