बिहार में नई सरकार का रोडमैप: नीतीश कुमार अगले हफ्ते देंगे इस्तीफा, 18 को विधायक दल बैठक और शपथ की तैयारी
बिहार में नई सरकार का रोडमैप: नीतीश कुमार अगले हफ्ते देंगे इस्तीफा, 18 को विधायक दल बैठक और शपथ की तैयारी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगले सप्ताह राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। यह औपचारिक कदम नई विधानसभा के गठन और सरकार बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का हिस्सा होगा। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए एनडीए 20 नवंबर से पहले शपथ ग्रहण पूरा करने की तैयारी में जुटा है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाया, जिसमें भाजपा को 89, जेडीयू को 75, लोजपा (रा) को 29, रालोसपा को 6 और हम को 3 सीटें मिलीं। महागठबंधन को मात्र 35 सीटें हासिल हुईं। इस प्रचंड बहुमत के साथ नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालने की दिशा में बढ़ रहे हैं। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और सांसद संजय झा दिल्ली पहुंच चुके हैं, जहां वे भाजपा नेतृत्व से सरकार गठन पर अंतिम चर्चा करेंगे।
सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार 17 नवंबर को राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप सकते हैं, जबकि 18 नवंबर को एनडीए विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में नीतीश को विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जो शपथ ग्रहण का रास्ता साफ करेगा। शपथ समारोह 20 या 21 नवंबर को हो सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम की तारीख पीएम के शेड्यूल को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, “यह प्रक्रिया संवैधानिक है। नीतीश जी का इस्तीफा नई सरकार के लिए औपचारिकता मात्र होगा।”
एनडीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। जेडीयू को 75 सीटों के अनुपात में 15-18 मंत्रालय मिलने की उम्मीद है, जबकि भाजपा को उपमुख्यमंत्री समेत प्रमुख विभाग। चिराग पासवान की लोजपा को 4-5 कैबिनेट पद और जीतन राम मांझी की हम को 2-3। मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। भाजपा के बिहार प्रभारी मंगल पांडेय ने कहा, “एनडीए की एकजुटता बिहार के विकास का आधार बनेगी। सुशासन का नया अध्याय शुरू होगा।”
यह नीतीश का दसवां कार्यकाल होगा, जो उनकी राजनीतिक यात्रा का प्रमाण है। विपक्षी आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने हार स्वीकार करते हुए कहा, “हम विश्लेषण करेंगे।” लेकिन एनडीए की लहर के आगे महागठबंधन सिमट गया। क्या शपथ समारोह में कोई सरप्राइज होगा? फिलहाल, पटना की सियासत में हलचल तेज है। बिहारवासियों को नई सरकार का इंतजार।
