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Sunday Worship: रविवार को सूर्य देव की पूजा क्यों? विधि, मंत्र, लाभ और अन्य देवताओं की खास आराधना

Sunday Worship: रविवार को सूर्य देव की पूजा क्यों? विधि, मंत्र, लाभ और अन्य देवताओं की खास आराधना

हिंदू पंचांग में रविवार (Sunday) को सूर्य देव का दिन माना जाता है। सप्ताह का पहला दिन होने से यह ऊर्जा, स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रविवार को सूर्य की पूजा करने से कुंडली में सूर्य दोष दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और नेत्र रोग, हृदय की बीमारियां व पिता से संबंध सुधरते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रविवार को हनुमान जी, गणेश जी और माता लक्ष्मी की भी विशेष पूजा की जाती है? आइए जानें – किन देवी-देवताओं की पूजा होती है, विधि, मंत्र और लाभ।

1. सूर्य देव की पूजा (मुख्य देवता)

क्यों? सूर्य आत्मा के कारक हैं। कमजोर सूर्य से सरकारी बाधा, मान-सम्मान में कमी आती है।

समय: सुबह सूर्योदय के 1 घंटे बाद (लगभग 6:30–7:30 AM)।

विधि:

स्नान कर लाल/केसरिया वस्त्र पहनें।

तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत, लाल पुष्प डालें।

पूर्व दिशा में मुंह कर सूर्य को अर्घ्य दें।

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

मंत्र:

ॐ ह्रीं सूर्याय नमः (108 बार)

या ॐ घृणि सूर्याय नमः

लाभ: नेत्र ज्योति बढ़ती है, सरकारी काम बनते हैं, पिता-पुत्र संबंध मजबूत होते हैं।

2. हनुमान जी की पूजा

क्यों? रविवार को हनुमान जी की पूजा से शनि दोष भी कम होता है।

विधि:

हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ।

चमेली के तेल का दीपक जलाएं।

सिंदूर चढ़ाएं, लड्डू का भोग लगाएं।

मंत्र: ॐ हं हनुमते नमः

लाभ: भय, शत्रु और रोगों से रक्षा।

3. भगवान गणेश की पूजा

रविवार को गणेश पूजा? हां! रविवार व्रत में गणेश जी को प्रथम पूज्य मानकर दूर्वा चढ़ाई जाती है।

मंत्र: ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्

लाभ: बुद्धि, सिद्धि और कार्यों में सफलता।

4. माता लक्ष्मी की विशेष पूजा (शाम को)

क्यों? रविवार शाम को लक्ष्मी-नारायण की पूजा से धन-वृद्धि होती है।

विधि:

कमलगट्टे की माला से ॐ श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः का 108 बार जाप।

घी का दीपक, खीर का भोग।

लाभ: आर्थिक संकट दूर, व्यापार में लाभ।

रविवार व्रत के नियम

उपवास: फलाहार या एक समय सात्विक भोजन।

दान: गेहूं, गुड़, तांबा, लाल कपड़ा।

परहेज: नमक, तेल, काले वस्त्र, क्रोध।

ज्योतिषी सलाह (पंडित मनोज तिवारी, दिल्ली)

“रविवार को लाल चंदन का तिलक, तांबे की अंगूठी पहनें। सूर्य मंत्र जाप से कर्क, सिंह, मेष राशि वालों को विशेष लाभ।”

आज का शुभ मुहूर्त (16 नवंबर 2025)

ब्रह्म मुहूर्त: 4:42 AM – 5:30 AM

अभिजीत मुहूर्त: 11:52 AM – 12:36 PM

सूर्य अर्घ्य: 6:48 AM (दिल्ली)

रविवार की पूजा से शारीरिक ऊर्जा, मानसिक शक्ति और आर्थिक समृद्धि तीनों मिलते हैं। आज से शुरू करें – सूर्य देव की कृपा आपके जीवन में नई रोशनी लाएगी!

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