दिल्ली धमाके के बाद देहरादून में हाई अलर्ट: SSP ने पुरानी कार-बाइक रेंटल दुकानों का औचक निरीक्षण, नई SOP लागू
दिल्ली धमाके के बाद देहरादून में हाई अलर्ट: SSP ने पुरानी कार-बाइक रेंटल दुकानों का औचक निरीक्षण, नई SOP लागू
दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार बम विस्फोट की घटना ने पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। इस हादसे में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक घायल हुए, जिसमें संदिग्ध आतंकी उमर मोहम्मद का हाथ माना जा रहा है। उत्तराखंड में भी सतर्कता बरती जा रही है। शनिवार को देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने नगर क्षेत्र के पुरानी कारों और बाइकों को रेंट व बेचने वाले प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सभी रिकॉर्ड, रजिस्टर और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को वाहनों की खरीद-फरोख्त के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी दी कि वाहन बेचते या रेंट पर देते समय खरीददार के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड जैसे सभी वैध दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों की अनिवार्य वेरिफिकेशन उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। एक विशेष फॉर्म भरवाकर ये विवरण लेना होगा, और लेन-देन का अधिकांश हिस्सा बैंक ट्रांसफर के माध्यम से ही होगा। इससे खरीददार के बैंक खाते की जानकारी भी उपलब्ध हो सकेगी, जो जांच एजेंसियों के काम आएगी। एसएसपी अजय सिंह ने कहा, “यह कदम दिल्ली धमाके जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है। कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई होगी।”
दिल्ली विस्फोट डीजीपी के निर्देशों के क्रम में यह कार्रवाई की गई है। डीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी को थाना क्षेत्रों में लगातार चेकिंग अभियान चलाने और बाइक रेंटल दुकानों की जांच के आदेश दिए थे। देहरादून में एसएसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर प्रतिष्ठानों को दिशा-निर्देश दिए। एक संचालक ने बताया, “हमें अब हर खरीददार का फॉर्म भरना पड़ेगा। पहले सिर्फ मौखिक पूछताछ होती थी, लेकिन अब बैंक ट्रांसफर अनिवार्य है।” यह SOP राज्य स्तर पर लागू होगी, जिससे अवैध वाहन उपयोग और संदिग्ध लेन-देन पर अंकुश लगेगा।
दिल्ली धमाके की जांच एनआईए को सौंपी गई है, जहां संदिग्ध उमर मोहम्मद, एक फरीदाबाद के डॉक्टर, को मुख्य आरोपी बताया गया है। विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल हुआ, जो कार में छिपाए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “साजिश” करार देते हुए दोषियों को बख्शा न जाने का ऐलान किया। इस घटना ने पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा व्यवस्था को कड़े कर दिया है। उत्तराखंड में अब सड़कों पर वाहन चेकिंग बढ़ा दी गई है, और संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह SOP वाहन रेंटल बिजनेस को पारदर्शी बनाएगी, लेकिन संचालकों पर अतिरिक्त बोझ भी डालेगी। क्या यह कदम आतंकी साजिशों को रोकेगा? फिलहाल, देहरादून पुलिस अलर्ट मोड पर है, और आने वाले दिनों में और सख्ती की उम्मीद है। नागरिकों से अपील है कि संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें।
