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पुरानी कार, अधूरे कागजात और बड़ा ब्लास्ट! दिल्ली धमाके ने खोली RC सिस्टम की लचरियां – सेकंड-हैंड मार्केट पर खतरा

पुरानी कार, अधूरे कागजात और बड़ा ब्लास्ट! दिल्ली धमाके ने खोली RC सिस्टम की लचरियां – सेकंड-हैंड मार्केट पर खतरा

दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार ब्लास्ट की जांच से निकले एक बड़े राज भी उजागर हो गया है। धमाके में इस्तेमाल हुई पुरानी Hyundai i20 कार के कागजात अधूरे थे, जिससे RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) ट्रांसफर सिस्टम की कमजोरियां सामने आ गईं। NIA की जांच में पता चला कि कार कई हाथों से गुजरी, लेकिन RC कभी अपडेट नहीं हुआ – ये लूपहोल आतंकियों को फायदा पहुंचाने वाला साबित हुआ। आइए, विस्तार से देखें कि कैसे ये ब्लास्ट ने पूरे यूज्ड कार मार्केट को हिला दिया:

ब्लास्ट और कार का कनेक्शन: क्या हुआ था?

घटना का स्कोप: 10 नवंबर को शाम 6:52 बजे लाल किले मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास पार्किंग में खड़ी सफेद Hyundai i20 में IED (अमोनियम नाइट्रेट बेस्ड) ब्लास्ट हुआ। 13 लोग मारे गए (ज्यादातर पर्यटक), 20+ घायल। DNA से कन्फर्म हुआ कि डॉक्टर उमर नबी (फरीदाबाद मेडिकल कॉलेज) कार चला रहा था। JeM से लिंक, 350 किलो विस्फोटक फरीदाबाद से बरामद।

कार की डिटेल्स: 2012 मॉडल i20, मूल मालिक सलमान (दिल्ली) के नाम पर RC। सितंबर 2025 में फरीदाबाद के प्राइवेट डीलर से तारिक (पुलवामा) ने खरीदी, लेकिन RC ट्रांसफर नहीं हुआ। CCTV से कार का ट्रेल: फरीदाबाद टोल (20 सितंबर), दिल्ली में फाइन (इल्लीगल पार्किंग)।

फेक डॉक्यूमेंट्स का राज: बिक्री में फेक पेपरवर्क यूज, नकली NOC और इंश्योरेंस। ये ‘कैश-ओनली’ डील्स से हुआ, जहां RTO चेक स्किप हो गया।

RC सिस्टम की खामियां: क्यों फेल साबित हुआ?

ट्रांसफर की सुस्ती: VAHAN पोर्टल (डिजिटल RC) होने के बावजूद, इंटर-स्टेट ट्रांसफर में 30-90 दिन लगते हैं। फॉर्म 29/30 सबमिट न होने से पुराने मालिक पर लायबिलिटी – क्रिमिनल यूज में भी वो फंस सकता है।

सेकंड-हैंड मार्केट का खतरा: प्राइवेट डीलर्स (जैसे फरीदाबाद वाले) RC अपडेट स्किप करते हैं, क्योंकि प्रोसेस महंगा (₹500-2,000 फीस + समय)। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स: 70% यूज्ड कार सेल्स में RC डिले। अब डीलर्स पर रेड अलर्ट – Cars24 जैसे प्लेटफॉर्म्स ने कहा, “हैंडओवर से RC ट्रांसफर तक हम रिस्पॉन्सिबल।”

लीगल गैप्स: मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 50 के तहत ट्रांसफर जरूरी, लेकिन एनफोर्समेंट कमजोर। ब्लास्ट के बाद TOI ने चेतावनी दी: “अधूरे पेपर से पुराने मालिक के दरवाजे पर पुलिस पहुंच सकती है।”

प्रभाव: मार्केट और इनवेस्टिगेशन पर असर

यूज्ड कार सेल्स पर ब्रेक: दिल्ली-NCR में सेल्स 20% डाउन, बायर्स पुलिस वेरिफिकेशन और फ्रेश RC डिमांड कर रहे। X पर #UsedCarScam ट्रेंडिंग – यूजर्स सलाह: “मल्टीपल ट्रांसफर वाली कार अवॉइड, OLX/Cars24 पर चेक।”

जांच अपडेट: NIA ने 9 संदिग्ध कस्टडी में (कानपुर से 9 नए), अल-फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) पर ऑडिट। अमित शाह: “कुलपतियों को बख्शा नहीं जाएगा।” फरीदाबाद में इकोस्पोर्ट कार जब्त।

गवर्नमेंट रिस्पॉन्स: दिल्ली गवर्नमेंट ने पुरानी कारों के लिए NOC रिलैक्सेशन (नवंबर 2025 से), लेकिन BS-III कमर्शियल व्हीकल्स पर बैन। नेशनल लेवल पर RC डिजिटाइजेशन पुश।

बायर्स/सेलर्स के लिए टिप्स: कैसे बचें?

सेलिंग टाइम: हमेशा फॉर्म 29/30 RTO सबमिट, RC ट्रांसफर कन्फर्मेशन लें। डिलीवरी नोट रखें।

बायिंग टाइम: RC चेक (VAHAN ऐप), PUC/इंश्योरेंस वेरिफाई। प्राइवेट डील से बचें, सर्टिफाइड प्लेटफॉर्म यूज।

अलर्ट: संदिग्ध कार (लो प्राइस, कैश डील, मल्टीपल ओनर्स) पर RTO चेक।

ये ब्लास्ट न सिर्फ सिक्योरिटी होल दिखाता है, बल्कि RC सिस्टम को रिफॉर्म की जरूरत भी। अगर कार खरीदने/बेचने की स्पेसिफिक एडवाइस या लेटेस्ट जांच अपडेट चाहिए, तो बताएं!

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