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एक मंडप में 300 शादियां: योगी के अफसर बने ‘घर के बड़े’, DM अस्मिता लाल ने निभाया अभिभावक का रोल – एकता और सामाजिक न्याय की मिसाल!

एक मंडप में 300 शादियां: योगी के अफसर बने ‘घर के बड़े’, DM अस्मिता लाल ने निभाया अभिभावक का रोल – एकता और सामाजिक न्याय की मिसाल!

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से आई एक दिल छू लेने वाली खबर है। आज (14 नवंबर 2025) सुबह से सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर वायरल हो रही ये स्टोरी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (CM Samuhik Vivah Yojna) के तहत आयोजित एक भव्य समारोह की है, जहां एक ही मंडप के नीचे 300 जोड़ों ने सात फेरे लिए। खास बात ये रही कि जिले के प्रशासनिक अफसरों ने सरकारी ड्यूटी से ऊपर उठकर ‘घर के बड़े’ या अभिभावक का किरदार निभाया – जिलाधिकारी (DM) अस्मिता लाल खुद हर जोड़े की ‘मां’ या ‘बाप’ बनकर मौजूद रहीं। ये आयोजन न सिर्फ गरीबी उन्मूलन का प्रतीक है, बल्कि सभी धर्मों की एकता का भी। आइए, विस्तार से जानें:

आयोजन की मुख्य हाइलाइट्स (13 नवंबर 2025, बागपत):

स्केल और एकता: एक ही मंडप में 300 शादियां – हिंदू जोड़ों ने शहनाइयों के बीच अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लिए, तो मुस्लिम जोड़ों ने कलमे की तिलावत के साथ ‘कुबूल है’ कहकर नया जीवन शुरू किया। सभी धर्मों के जोड़े शामिल हुए, जो योगी सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास’ पॉलिसी को साकार करता है।

अफसरों का ‘फैमिली रोल’: प्रशासनिक अधिकारी सरकारी यूनिफॉर्म उतारकर पारंपरिक वेशभूषा में उतरे। DM अस्मिता लाल ने हर जोड़े को आशीर्वाद दिया, कन्या को विदा किया और वर को सलाह दी – ठीक वैसे ही जैसे घर का बड़ा करता है। अन्य अफसरों (जैसे SDM, तहसीलदार) ने भी ‘भाई-बहन’ या ‘चाचा-ताऊ’ का रोल निभाया। DM ने कहा, “ये सिर्फ योजना नहीं, सामाजिक बंधन मजबूत करने का माध्यम है।”

लाभ और सपोर्ट: हर जोड़े को ₹51,000 की आर्थिक मदद (कन्या के लिए ₹35,000 + सामान), साथ ही गिफ्ट्स जैसे फर्नीचर, बर्तन और हनीमून पैकेज। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे परिवारों को प्राथमिकता, जिससे दहेज-प्रथा पर ब्रेक लगा।

माहौल: मंडप सजा फूलों और लाइट्स से, लोक गीतों और कव्वालियों की धुन पर जोड़े नाचे। स्थानीय विधायक और BJP नेता भी शिरकत कर ‘विवाह विशेषज्ञ’ बने।

क्यों खास है ये आयोजन?

सामाजिक प्रभाव: UP में 2025 में अब तक 50,000+ शादियां हो चुकीं, लेकिन बागपत का ये इवेंट ‘इंटरफेथ हार्मनी’ के लिए अनोखा। दहेज-मुक्त विवाह को बढ़ावा, और अफसरों का ‘ह्यूमन टच’ ने इसे वायरल बना दिया।

योगी का विजन: CM योगी आदित्यनाथ की 2017 से चल रही योजना ने लाखों लड़कियों को सशक्त बनाया। DM अस्मिता लाल (IAS 2017 बैच) ने इसे ‘मिशन मोड’ में चलाया, जो महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक है।

ये स्टोरी न सिर्फ खुशी बांटती है, बल्कि समाज को जोड़ती भी है। अगर आप वीडियो क्लिप्स, फोटोज या अन्य जिलों के समान आयोजनों पर डिटेल चाहें, तो बताएं!

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