दिल्ली ब्लास्ट पर कांग्रेस का हमला: 13 निर्दोषों की मौत पर संवेदना, लेकिन सरकार से सवालों की बौछार—खुफिया विफलता क्यों, अमित शाह लेंगे जिम्मेदारी?
दिल्ली ब्लास्ट पर कांग्रेस का हमला: निर्दोषों की मौत पर संवेदना, लेकिन सरकार से सवालों की बौछार—खुफिया विफलता क्यों, अमित शाह लेंगे जिम्मेदारी?
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट में निर्दोष नागरिकों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। पार्टी ने शोक संतप्त परिवारों और घायलों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कहा कि पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। लेकिन 48 घंटे बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इसे आधिकारिक रूप से ‘आतंकवादी हमला’ मानने पर कांग्रेस ने सरकार की देरी और खुफिया विफलता पर तीखा प्रहार किया है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह हमला राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा पर सीधा सवाल है। सरकार ने तीन दिनों तक भ्रम फैलाया, जबकि जनता को सच्चाई का हक है।”
कांग्रेस के अनुसार, एनआईए की जांच में ब्लास्ट से जुड़े 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुए, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के हैंडलरों से लिंक हैं। मुख्य आरोपी पुलवामा के डॉक्टर उमर नबी फरार हैं, और फरीदाबाद से संदिग्ध डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई। लेकिन पार्टी ने सवाल उठाया कि इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक दिल्ली कैसे पहुंचे? खेरा ने कहा, “पाहलगाम हमले (अप्रैल 2025, 25 पर्यटकों की मौत) के बाद ‘नई सामान्य स्थिति’ का दावा किया गया, लेकिन सात महीने में ही यह नया हमला। सरकार ने क्या सीखा?”
कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए। पार्टी ने 2015 गुरदासपुर से 2025 पाहलगाम तक की घटनाओं की लिस्ट साझा की—पठानकोट, उरी, पुलवामा, राजौरी, रीसी आदि—और पूछा, “इन विफलताओं के बावजूद शाह पद पर बने हैं। क्या वे इस्तीफा देंगे?” खेरा ने कहा, “चेतावनियों के बावजूद ऐसी चूकें क्यों? 2,900 किलो विस्फोटक बिना रोक के राजधानी कैसे पहुंचे?”
पार्टी ने तीन मांगें रखीं:
‘नई सामान्य स्थिति’ के तहत दोषियों को तुरंत सजा सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री सभी दलों की बैठक बुलाएं, खुद अध्यक्षता करें और ब्रीफिंग दें।
संसद सत्र जल्द बुलाकर दिल्ली ब्लास्ट और आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा हो।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “यह बाहरी शक्तियों से प्रेरित हमला है। सरकार को राज्यों से समन्वय बढ़ाना चाहिए, जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।” राहुल गांधी ने इसे “दिल दहला देने वाला” बताया। विपक्ष ने एकजुटता पर जोर दिया, लेकिन सरकार की नाकामी को उजागर किया।
बीजेपी ने जवाब दिया कि जांच तेज है, और दोषी बचेंगे नहीं। अमित शाह ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। पीएम मोदी ने भूटान से लौटकर कैबिनेट मीटिंग की। एनआईए ने तुर्की लिंक की जांच तेज की है। क्या यह सवाल सरकार को कटघरे में लाएंगे? विपक्ष की मांगें संसद में गूंजेंगी।
