बिहार चुनाव नतीजों से पहले अनंत सिंह के घर पर भोज का शोर: 2 लाख रसगुल्ले बन रहे, 50 हजार लोगों के लिए पंडाल तैयार
बिहार चुनाव नतीजों से पहले अनंत सिंह के घर पर भोज का शोर: 2 लाख रसगुल्ले बन रहे, 50 हजार लोगों के लिए पंडाल तैयार
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों का बिगुल 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से बजने वाला है, लेकिन मोकामा सीट से जेडीयू प्रत्याशी और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थक अभी से जीत का जश्न मनाने को बेताब हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड के आरोप में बेऊर जेल में बंद ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह के पटना स्थित मॉल रोड आवास पर भव्य भोज की तैयारियां जोरों पर हैं। समर्थकों ने दावा किया है कि जीत के बाद 50 हजार से अधिक लोगों के लिए महाभोज का आयोजन होगा, जिसमें 2 लाख रसगुल्ले सहित 4 लाख मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। यह कॉन्फिडेंस एग्जिट पोल्स के अनुमानों से प्रेरित लगता है, जहां एनडीए को बहुमत मिलने की उम्मीद है।
अनंत सिंह के समर्थकों ने पटना के मॉल रोड पर 23 हजार वर्ग फीट में विशाल पंडाल लगा दिया है, जहां अतिथियों के रहने-खाने-सोने की पूरी व्यवस्था है। हलवाई दिन-रात रसगुल्ले, गुलाब जामुन और अन्य मिठाइयां बना रहे हैं। एक लाख से अधिक रसगुल्लों के लिए 6 लाख रुपये का दूध मंगवाया गया है, जबकि कुल मिठाइयों की संख्या 4 लाख से ऊपर बताई जा रही है। मेन्यू में पुलाव, पूड़ी, दाल, सब्जियां और 56 भोग की विशेष व्यवस्था शामिल है। समर्थक पोस्टर बांट रहे हैं, जिसमें भोज का एड्रेस और निमंत्रण दिया गया है। एक समर्थक ने कहा, “अनंत भैया की जीत पक्की है। ये भोज उनके समर्थकों को जोड़े रखने का माध्यम है।” यह तैयारी 12 नवंबर से शुरू हो चुकी है, और भोज नतीजों के बाद शाम से शुरू होगा।
अनंत सिंह, जो 2005 से मोकामा से लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं, इस बार जेल से ही चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ राजद समर्थित सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी मैदान में हैं, और दोनों पक्षों के बीच ‘रसगुल्ला vs गुलाब जामुन’ की चर्चा जोरों पर है। सूरजभान के घर भी मिठाइयों की तैयारी चल रही है। अनंत सिंह ने नामांकन से पहले 25 हजार समर्थकों को भोज कराया था, जिसमें एक लाख रसगुल्ले बंटे थे। एग्जिट पोल्स में मोकामा पर कांटे की टक्कर दिख रही है, लेकिन अनंत के खेमे का कॉन्फिडेंस हाई है।
यह महाभोज न सिर्फ सियासी संदेश दे रहा है, बल्कि बिहार की लोकप्रिय ‘भोज संस्कृति’ को भी जीवंत कर रहा है। विपक्ष ने इसे ‘ओवर कॉन्फिडेंस’ बताया, लेकिन समर्थक कहते हैं, “रिजल्ट आने पर सब देख लेंगे।” क्या अनंत सिंह जेल से ही विधायक बनेंगे? 14 नवंबर के नतीजे तय करेंगे। फिलहाल, पटना में मिठाइयों की महक से सियासी हवा गर्म हो चुकी है।
