अयोध्या vs चीन: फ्लाइट किराया बराबर! घरेलू टिकट के दामों पर बवाल, क्या है सच?
भारतीय विमानन क्षेत्र में फिर एक विवादास्पद चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। ओडिशा के एक सोशल मीडिया यूजर मनस मुदुली के वायरल पोस्ट ने खुलासा किया कि भुवनेश्वर से अयोध्या की घरेलू फ्लाइट का किराया चाइना जाने वाली अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट जितना ही है। इंडिगो एयरलाइंस पर 11 नवंबर की तारीख के लिए भुवनेश्वर-अयोध्या टिकट की कीमत 14,237 रुपये है, जबकि भुवनेश्वर-ग्वांगझोउ (चीन) का किराया महज 700 रुपये ज्यादा – 14,977 रुपये। यह तुलना सोशल मीडिया पर तहलका मचा रही है, जहां लोग एयरलाइंस की प्राइसिंग पॉलिसी पर सवाल उठा रहे हैं।
मनस मुदुली ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भुवनेश्वर से अयोध्या की फ्लाइट का किराया चाइना जाने वाली फ्लाइट जितना ही! एक ही एयरलाइन इंडिगो, एक ही तारीख। घरेलू सेक्टर अंतरराष्ट्रीय जितना महंगा कैसे?” पोस्ट के साथ शेयर की गई स्क्रीनशॉट में साफ दिख रहा है कि अयोध्या की फ्लाइट डायरेक्ट 2 घंटे 10 मिनट की है, जबकि चाइना वाली में 10 घंटे से ज्यादा का लंबा सफर और लेओवर शामिल है। यह पोस्ट 24 घंटों में 50,000 से ज्यादा व्यूज और हजारों लाइक्स बटोर चुकी है।
इंटरनेट यूजर्स ने बहस छेड़ दी। एक यूजर ने कहा, “अयोध्या में डिमांड ज्यादा है राम मंदिर के बाद, इसलिए दाम ऊंचे। लेकिन ट्रांसपेरेंसी होनी चाहिए।” मनस ने सहमति जताते हुए जवाब दिया, “डिमांड से सहमत, लेकिन घरेलू रूट्स को अंतरराष्ट्रीय जैसा क्यों? स्पष्ट कारण बताना चाहिए।” एक अन्य ने लिखा, “ग्वांगझोउ पर कम पैसेंजर्स, इसलिए सस्ता। डायरेक्ट इंटरनेशनल तो और महंगा होता।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में डायनामिक प्राइसिंग मॉडल की वजह से पीक डिमांड पर किराए आसमान छूते हैं। अयोध्या एयरपोर्ट (महारिषि वाल्मीकि इंटरनेशनल) राम जन्मभूमि मंदिर के बाद पर्यटन हब बन गया है, जिससे फ्लाइट्स पर दबाव बढ़ा।
आंकड़ों से पता चलता है कि सामान्यतः भुवनेश्वर-अयोध्या का किराया 5,000-8,000 रुपये होता है, लेकिन त्योहारों या वीकेंड पर 15,000 तक पहुंच जाता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स में ईंधन, टैक्स और लेओवर के कारण कभी-कभी सस्ती लगती हैं। डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने पहले भी एयरलाइंस को किराया नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन लागू नहीं हो पा रहे। विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, “हम प्राइसिंग पर नजर रख रहे हैं। यात्रियों की शिकायतों का संज्ञान लेंगे।”
यह विवाद भारतीय यात्रियों के लिए पुराना दर्द है। क्या घरेलू फ्लाइट्स के दामों पर लगाम लगेगी? या डिमांड ही राज करेगी? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें!
