राष्ट्रीय

सोना-चांदी में भारी गिरावट: 14 दिनों में 10,000 रुपये सस्ता सोना, चांदी 21,000 की छलांग नीचे, निवेशकों को राहत

सोना-चांदी में भारी गिरावट: 14 दिनों में 10,000 रुपये सस्ता सोना, चांदी 21,000 की छलांग नीचे, निवेशकों को राहत

भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट का दौर जारी है। पिछले 14 कारोबारी दिनों में सोना करीब 10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी 21,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गई है। यह गिरावट त्योहारी सीजन के बाद बाजार की सुस्ती और वैश्विक कारकों से उपजी है, जिससे आम खरीदारों को बड़ी राहत मिली है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह ट्रेंड कुछ और दिनों तक जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में तेजी की संभावना बनी हुई है।

आज 8 नवंबर को दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,22,160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो एक दिन पहले के 1,22,730 रुपये से 570 रुपये कम है। रायपुर और भोपाल जैसे शहरों में भी भाव 1,22,060 रुपये रहे। चांदी का भाव 1,52,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया, जो कल के 1,52,600 से 200 रुपये नीचे है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 17 अक्टूबर को सोने का भाव 1,30,874 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब 8,714 रुपये की गिरावट के साथ 1,22,160 पर पहुंच गया। इसी तरह, चांदी 1,69,230 रुपये से 20,955 रुपये की कमी के साथ 1,48,275 रुपये पर लुढ़क गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव 1,56,604 रुपये से 8,815 रुपये गिरकर 1,47,789 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।

यह गिरावट वैश्विक बाजारों से जुड़ी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का हाजिर भाव 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गया, जो अमेरिका-चीन व्यापार समझौते के बाद सुरक्षित निवेश की मांग में कमी का संकेत है। डॉलर इंडेक्स में 0.09% की मजबूती ने भी दबाव डाला। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ने से निवेशक शेयर बाजार और बॉन्ड्स की ओर मुड़े। इसके अलावा, भारत सरकार ने सोने के बेस इम्पोर्ट प्राइस में 42 डॉलर प्रति 10 ग्राम और चांदी में 107 डॉलर प्रति किलोग्राम की कटौती की, जिससे आयात सस्ता हुआ।

घरेलू बाजार में त्योहारी मांग के बाद सुस्ती ने कीमतों को और नीचे धकेला। पिछले हफ्ते MCX पर चांदी 2,500 रुपये तक लुढ़की, जबकि सोना 500-700 रुपये प्रतिदिन गिरा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ‘करेक्शन फेज’ है, जो अक्टूबर के ऑल-टाइम हाई (सोना 1,32,821 रुपये) के बाद सामान्य है। हालांकि, इस साल सोना अभी भी 43% महंगा है – जनवरी में 76,162 रुपये से बढ़कर अब 1,19,253 रुपये। चांदी में 59% की तेजी बरकरार है।

निवेशकों के लिए यह खरीदारी का सुनहरा मौका है। ज्वैलर्स का कहना है कि शादी सीजन में मांग बढ़ेगी, लेकिन गिरावट से ज्वेलरी सेक्टर को फायदा हो रहा है।  कुछ विशेषज्ञ चेताते हैं कि जियोपॉलिटिकल टेंशन या मुद्रास्फीति बढ़ने पर कीमतें उछाल मार सकती हैं। फिलहाल, बाजार निगाहें अमेरिकी चुनाव परिणामों और RBI की नीति पर टिकाए हुए हैं। अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो दिवाली के बाद की खरीदारी सस्ती साबित होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *