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दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर हाहाकार: ATC सिस्टम की खराबी से 700+ उड़ानें प्रभावित, मैनुअल मोड में चल रहा ऑपरेशन

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर हाहाकार: ATC सिस्टम की खराबी से 700+ उड़ानें प्रभावित, मैनुअल मोड में चल रहा ऑपरेशन

देश की राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) पर शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा टल गया, लेकिन तकनीकी खराबी ने हवाई यात्रा को ठप कर दिया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम के ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में गड़बड़ी के कारण 700 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें देरी, डायवर्जन और कैंसिलेशन शामिल हैं। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने बताया कि कंट्रोलर्स फ्लाइट प्लान मैनुअली प्रोसेस कर रहे हैं, जिससे पूरे उत्तरी भारत के एयरस्पेस पर असर पड़ा। पैसेंजर्स टर्मिनल्स पर फंस गए, जबकि एयरलाइंस ने एडवाइजरी जारी की। एविएशन मिनिस्ट्री ने जांच के आदेश दिए हैं।

समस्या गुरुवार रात से शुरू हुई और शुक्रवार सुबह चरम पर पहुंच गई। फ्लाइट रडार24 के डेटा के अनुसार, सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक 265 से अधिक डिपार्चर फ्लाइट्स में देरी हुई, जबकि कुल प्रभावित उड़ानों की संख्या 700 से पार हो गई। इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और विस्तारा जैसी एयरलाइंस की 400+ उड़ानें लेट रहीं, कुछ को लखनऊ, जयपुर और मुंबई डायवर्ट करना पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट ने एडवाइजरी जारी कर कहा, “ATC सिस्टम में तकनीकी समस्या के कारण IGIA पर फ्लाइट ऑपरेशंस प्रभावित हैं। हमारी टीम DIAL और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर इसे जल्द ठीक करने में जुटी है।” AAI ने ट्वीट किया, “AMSS में खराबी के कारण कंट्रोलर्स मैनुअल तरीके से काम कर रहे हैं। तकनीकी टीम रिस्टोर करने पर लगी है।”

पैसेंजर्स का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा। एक यात्री ने X पर पोस्ट किया, “T1 पर 1.5 घंटे से फंसे हैं, पायलट ने बताया ATC फेलियर से कोई फ्लाइट टेकऑफ नहीं कर पा रही।” एयर इंडिया ने कहा, “ATC कंजेशन से सभी एयरलाइंस प्रभावित हैं। हम पैसेंजर्स को असिस्ट कर रहे हैं।” स्पाइसजेट ने चेतावनी दी, “दिल्ली ATC कंजेशन से डिपार्चर/अराइवल और कनेक्टिंग फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं।” इंडिगो ने जोड़ा, “एक्सटेंडेड वेट टाइम्स के लिए माफी, हम न्यूनतम असुविधा के लिए काम कर रहे हैं।” मुंबई, लखनऊ और जयपुर एयरपोर्ट्स पर भी चेन रिएक्शन से 100+ उड़ानें लेट हुईं।

यह गड़बड़ी हाल की कई समस्याओं का हिस्सा लग रही है। अक्टूबर 2025 में GPS स्पूफिंग और विंड शिफ्ट से 7 फ्लाइट्स डायवर्ट हुई थीं। IGI, जो दुनिया का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, रोज 1,500+ फ्लाइट मूवमेंट्स हैंडल करता है। एविएशन सेक्रेटरी ने AAI चेयरमैन और ANS मेंबर के साथ रिव्यू मीटिंग की, जहां दिशा-निर्देश दिए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि AMSS जैसी सिस्टम फेलियर दुर्लभ लेकिन गंभीर हैं, क्योंकि ये रीयल-टाइम फ्लाइट डेटा मैनेज करती हैं। मिनिस्ट्री ने मालवेयर अटैक की आशंका से इनकार किया, लेकिन साइबर सिक्योरिटी चेक का आदेश दिया।

पैसेंजर्स को सलाह: फ्लाइट स्टेटस चेक करें (AAI ऐप या एयरलाइन वेबसाइट), एक्स्ट्रा टाइम रखें और एयरपोर्ट पर भीड़ से बचें। AAI ने कहा कि सिस्टम ‘अप एंड फंक्शनल’ हो गया है, लेकिन डिले का असर शाम तक रहेगा। यह घटना भारतीय एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियों को उजागर करती है, जहां तकनीकी अपग्रेड की जरूरत है। फिलहाल, यात्रियों से धैर्य की अपील की गई है।

 

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