राम मंदिर पर राजनीतिक घमासान: खेसारी के ‘मंदिर-अस्पताल’ बयान पर निरहुआ का तीखा वार, ‘यदमुल्ला’ कह बोला- ऐसा यादव नहीं हो सकता!
राम मंदिर पर राजनीतिक घमासान: खेसारी के ‘मंदिर-अस्पताल’ बयान पर निरहुआ का तीखा वार, ‘यदमुल्ला’ कह बोला- ऐसा यादव नहीं हो सकता!
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राम मंदिर विवाद ने भोजपुरी सिनेमा के दो दिग्गजों – खेसारी लाल यादव (RJD उम्मीदवार) और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ (बीजेपी समर्थक) – के बीच खुली जंग छेड़ दी है। खेसारी के कथित बयान पर निरहुआ ने तीखा हमला बोला, उन्हें ‘यदमुल्ला’ (यादव का अपमानजनक रूप) कहते हुए दावा किया कि राम मंदिर का विरोध करने वाला कभी सच्चा यादव या यदुवंशी नहीं हो सकता। यह विवाद NDA और महागठबंधन के बीच धार्मिक-सामाजिक मुद्दों को और भड़का रहा है, जहां खेसारी ने सफाई दी कि उनका इरादा मंदिर का विरोध नहीं, बल्कि विकास पर जोर था। अयोध्या के संतों ने भी खेसारी के खिलाफ गिरफ्तारी की मांग की है, जो चुनावी माहौल को गर्म कर रहा है।
बीजेपी सांसद निरहुआ ने एक इंटरव्यू में कहा, “राम मंदिर का विरोध करने वाला कभी यदुवंशी नहीं हो सकता। खेसारी ‘यदमुल्ला’ हैं, ऐसा आदमी यादव नहीं हो सकता।” उन्होंने खेसारी के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि राम मंदिर की जगह अस्पताल बनना चाहिए था। निरहुआ ने आगे कहा, “आपको कैसे हिम्मत हुई यह कहने की कि राम मंदिर की जगह अस्पताल होना चाहिए? यह सनातन धर्म का अपमान है।” यह बयान बिहार चुनाव के प्रचार के दौरान आया, जब निरहुआ NDA के लिए रैलियां कर रहे थे।
खेसारी का विवादित बयान: ‘मंदिर जरूरी, लेकिन अस्पताल क्यों नहीं?’
विवाद की जड़ खेसारी लाल यादव का हालिया बयान है, जो छपरा सीट से RJD उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। एक रैली में उन्होंने कहा, “राम मंदिर बनना जरूरी है, लेकिन क्या अस्पताल, स्कूल और रोजगार बनाना जरूरी नहीं? मंदिर से बच्चों का भविष्य तय होता तो बिहार में 200 मंदिर बना लीजिए। भगवान तो दिल में बसते हैं।” खेसारी ने NDA पर तंज कसते हुए कहा कि 20 साल की सरकार में एक कारखाना भी नहीं लगा, युवा पलायन कर रहे हैं, और विकास के सवाल पर वे ‘मंदिर-मस्जिद’ की बहस में उलझा देते हैं। उन्होंने निरहुआ, रवि किशन और मनोज तिवारी पर भी निशाना साधा कि ये सांसद बनने के बाद भोजपुरी इंडस्ट्री या क्षेत्र के लिए कुछ नहीं कर पाए।
खेसारी ने सफाई देते हुए कहा, “मेरा मतलब ये था कि आस्था के साथ विकास भी जरूरी है। NDA अगर मंदिर से भविष्य तय कर रही है, तो बिहार में 200 मंदिर बना दिखाएं।” RJD ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ बताया, जबकि समर्थकों ने खेसारी को ‘जनता का कलाकार’ कहा।
निरहुआ का पलटवार: भोजपुरी स्टार्स की जंग, राजनीतिक रंग
निरहुआ ने खेसारी को ‘राम मंदिर विरोधी’ बताते हुए कहा कि पहले वे सनातन को मानते थे, लेकिन अब दल का असर हो गया। उन्होंने खेसारी के अनुभव पर भी सवाल उठाए और कहा, “खेसारी बोलते हैं कि रवि किशन, मनोज तिवारी और मैंने भोजपुरी के लिए कुछ नहीं किया। लेकिन वे खुद क्या कर पाए?” यह विवाद डिप्टी CM सम्राट चौधरी के ‘नाचने वाला’ वाले बयान से भड़का, जिसे खेसारी ने अपमान बताया।
अन्य दिग्गजों का शामिल होना: रवि किशन-मनोज तिवारी ने भी घेरा
भोजपुरी स्टार्स की यह जंग अब बड़े स्तर पर पहुंच गई। रवि किशन (गोरखपुर सांसद) ने खेसारी को ‘असली सनातनी नहीं’ कहा। मनोज तिवारी ने कहा, “आस्था को ठेस पहुंचाकर राजनीति नहीं की जाती। खेसारी मेरा छोटा भाई है, लेकिन महागठबंधन ने सनातन का अपमान किया। अब कृष्ण मंदिर के खिलाफ भी बोलेंगे?” अयोध्या के संतों ने खेसारी के खिलाफ गिरफ्तारी की मांग की, इसे ‘राम भक्तों का अपमान’ बताया।
अयोध्या संतों का गुस्सा: गिरफ्तारी की मांग
अयोध्या के साधु-संतों ने खेसारी के बयान पर भड़क उठे। एक संत ने कहा, “राम मंदिर के बदले अस्पताल? यह राम भक्तों का अपमान है। खेसारी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।”39fc00 यह विवाद बिहार चुनाव में धार्मिक ध्रुवीकरण को तेज कर सकता है, जहां NDA ‘सनातन रक्षा’ का नारा दे रहा है, जबकि RJD विकास पर जोर दे रही है।
RJD समर्थक खेसारी को ‘विकास का चेहरा’ बता रहे हैं, जबकि BJP वाले निरहुआ के पक्ष में। एक पोस्ट में लिखा, “खेसारी ने सच्चाई कही, मंदिर के साथ अस्पताल भी चाहिए!” वहीं, दूसरा: “यदमुल्ला खेसारी, राम का अपमान मत करो!”
चुनाव पर असर: मुस्लिम-यादव वोटबैंक पर नजर
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह विवाद यादव वोटबैंक (RJD का कोर) को प्रभावित कर सकता है, खासकर छपरा जैसे इलाकों में। पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को है, और यह घमासान NDA के फायदे में जा सकता है। तेजस्वी यादव ने इसे ‘विकास vs बकवास’ बताया, जबकि पीएम मोदी ने ‘जंगल राज’ पर फोकस किया।
भोजपुरी स्टार्स की यह जंग चुनाव को और रोमांचक बना रही है। अपडेट्स के लिए बने रहें!
