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SIR का दूसरा चरण कल से 12 राज्यों में शुरू: DMK ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, ‘वोटरों के अधिकारों पर हमला’

SIR का दूसरा चरण कल से 12 राज्यों में शुरू: DMK ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, ‘वोटरों के अधिकारों पर हमला’

चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण को कल (4 नवंबर) से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू करने की घोषणा की है। यह चरण 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगा, जिसमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, पुदुच्चेरी, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप शामिल हैं। ECI के अनुसार, यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वेक्षण, 9 दिसंबर को ड्राफ्ट सूची जारी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम सूची के साथ समाप्त होगी। यह पहल मतदाता सूची को साफ-सुथरी बनाने के लिए है, लेकिन विपक्ष ने इसे ‘वोटरों के अधिकारों पर हमला’ करार दिया है।

DMK ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

तमिलनाडु की सत्ताधारी DMK ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र की हत्या करने की साजिश है, खासकर 2026 विधानसभा चुनाव से पहले। DMK संगठन सचिव आर.एस. भारती ने याचिका दाखिल की, जिसमें कहा गया कि SIR में आधार कार्ड को पहचान के रूप में अस्पष्ट तरीके से इस्तेमाल किया गया है, जो असली मतदाताओं के नाम काटने का बहाना बन सकता है। CM एम.के. स्टालिन ने ऑल-पार्टी मीटिंग में कहा, “ECI BJP का कठपुतली बन गई है। बिहार SIR में 65 लाख नाम काटे गए, तमिलनाडु में भी यही होगा।” याचिका में मांग की गई है कि SIR 2026 चुनाव के बाद हो, और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन हो।

ECI का बचाव: ‘मतदाता सूची साफ करने का जरूरी कदम’

ECI ने स्पष्ट किया कि SIR बिहार SIR के अनुभव पर आधारित है, जहां 65 लाख नाम काटे गए लेकिन 1 लाख नए जुड़े। CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा, “यह प्रक्रिया 2002-2004 के बाद पहली बार है, जो माइग्रेशन, डुप्लिकेट्स और मृत मतदाताओं को हटाने के लिए जरूरी है।” 5.33 लाख BLO और 7 लाख BLA (पार्टी प्रतिनिधि) घर-घर सर्वे करेंगे। ड्राफ्ट सूची 9 दिसंबर को जारी होगी, और आपत्तियां 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक ली जाएंगी। ECI ने कहा कि आधार को पहचान के 12वें दस्तावेज के रूप में शामिल किया गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन होगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष में एकजुटता

DMK की याचिका के बाद कांग्रेस, TMC और अन्य विपक्षी दलों ने समर्थन किया। कांग्रेस नेता पवन खेरा ने कहा, “ECI की नीयत संदिग्ध है, बिहार SIR में अल्पसंख्यकों के नाम काटे गए।” TMC ने बंगाल में SIR का विरोध किया। BJP ने इसे ‘वोटरों की सफाई’ बताया। याचिका में कहा गया कि SIR की अधिसूचना गजट में प्रकाशित नहीं हुई, जो RP एक्ट 1951 के उल्लंघन है। सुनवाई जल्द हो सकती है।

यह विवाद लोकतंत्र की मजबूती पर सवाल खड़ा कर रहा है। मतदाता अपनी सूची चेक करें। अपडेट्स के लिए बने रहें।

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