सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की जज नियुक्ति सिफारिश पर लगाई फटकार: “यह सिस्टम का मजाक है, रिकमंडेशन में पारदर्शिता की कमी”
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की जज नियुक्ति सिफारिश पर लगाई फटकार: “यह सिस्टम का मजाक है, रिकमंडेशन में पारदर्शिता की कमी”
सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति की सिफारिशों पर गंभीर चिंता जताई है, और एक मामले में हाईकोर्ट को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी प्रक्रिया “न्यायिक सिस्टम का मजाक” है। CJI डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने हाईकोर्ट की एक सिफारिश को खारिज करते हुए टिप्पणी की, “यह सिस्टम का मजाक है। रिकमंडेशन में पारदर्शिता और ठोस कारणों का अभाव है।” यह टिप्पणी कलकत्ता हाईकोर्ट की जज नियुक्ति सिफारिश पर आई, जहां बोर्ड ने बिना पर्याप्त रीजन के नाम भेजे थे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि कॉलेजियम सिस्टम को मजबूत करने के लिए सिफारिशें तर्कसंगत और पारदर्शी होनी चाहिए, वरना नियुक्तियां प्रभावित होंगी।
कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल: पारदर्शिता की कमी
सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के दूसरे जजेस केस के बाद विकसित कॉलेजियम सिस्टम की प्रक्रिया पर जोर दिया। बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट्स की सिफारिशें CJI और कॉलेजियम को भेजने से पहले ठोस आधार पर होनी चाहिए। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक वकील की सिफारिश की थी, लेकिन उनके अनुभव, मेरिट और इंटीग्रिटी पर पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। कोर्ट ने इसे “अनुशासनहीन” बताते हुए खारिज कर दिया। CJI ने अपील की, “नियुक्तियां न्यायपालिका की स्वतंत्रता का आधार हैं, इन्हें मजाक न बनाएं।” यह फैसला हाईकोर्ट्स के लिए चेतावनी है, जहां 2025 में 331 वैकेंसी के खिलाफ सिर्फ 165 जज नियुक्त हुए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: सरकार का दखल?
सरकार ने कॉलेजियम सिस्टम पर पहले से सवाल उठाए हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2015 के NJAC बिल को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “नियुक्तियों में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला सम्मानजनक।” विपक्ष ने इसे “न्यायपालिका की स्वतंत्रता” का प्रतीक बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला गवर्नमेंट-ज्यूडिशियरी के बीच तनाव को कम करेगा, लेकिन रिकमंडेशन प्रक्रिया को और सख्त बनाएगा।
यह टिप्पणी उच्च न्यायालयों में जजों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट्स को नई गाइडलाइंस जारी करने का निर्देश दिया है।
